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2 लाख के लिए 150 किमी ‘दौड़ते’ आया सब इंजीनियर व उसका साथी, लोकायुक्त ने पकड़ा

MP News: 5 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था नगर परिषद का सब इंजीनियर, पहली किस्त के 2 लाख लेते ही पकड़ाया।

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BHOPAL

MP News lokayukta catches sub engineer taking 2 lakh bribe 150 km travel

MP News: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है जहां रायसेन जिले में पदस्थ एक सब इंजीनियर व एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए भोपाल लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है।

5 लाख रुपये मांगी थी रिश्वत

रायसेन जिले की उदयपुरा नगर परिषद में पदस्थ उपयंत्री (सब इंजीनियर) दीपांशु पटेरिया व सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी शंकर साहू के खिलाफ भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले जयंत चतुर्वेदी ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में आवेदक जयंत चतुर्वेदी ने बताया था कि वो 'नवीन बिल्डकॉम' फर्म का संचालक है। उनकी फर्म द्वारा नगर परिषद उदयपुरा के अंतर्गत बस स्टैंड का सीसी निर्माण कार्य एवं मेन रोड पर सीसी रोड निर्माण कार्य किया गया था। उक्त कार्य के लिए फर्म की दो सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) नगर परिषद उदयपुरा में जमा थी। इन दोनों SD को रिलीज करने तथा अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में नगर परिषद उदयपुरा में पदस्थ उपयंत्री दीपांशु पटेरिया एवं सहायक ग्रेड-2 शंकर साहू द्वारा 5,00,000 रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है।

दफ्तर से 150 किमी दूर रिश्वत लेते पकड़ा

लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर आवेदक जयंत चतुर्वेदी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपये देने के लिए रिश्वतखोर सब इंजीनियर और कर्मचारी के पास भेजा। रिश्वत की रकम लेने के लिए रिश्वखोर सब इंजीनियर दीपांशु पटेरिया और सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी शंकर साहू उदयपुरा से 150 किमी दूर भोपाल पहुंचे। भोपाल में 6 नंबर हॉकर्स कॉर्नर के सामने, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के पास जैसे ही रिश्वतखोरों ने आवेदक से 2 लाख रुपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही

आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7, 12 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-61 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई है। ट्रैप दल में उप पुलिस अधीक्षक अजय मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह, उप पुलिस निरीक्षक रजनी तिवारी, निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले, प्रधान आरक्षक नेहा परदेसी, प्रधान आरक्षक रामदास कुर्मी, आरक्षक मनमोहन साहू, आरक्षक रविंद्र शर्मा, आरक्षक मनोज मांझी, आरक्षक चैतन्य प्रताप सिंह मौजूद रहे।