
digvijay singh (Photo-IANS)
Digvijay Singh- एमपी के वरिष्ठ कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एमपी के किसानों के मुद्दों पर फिर मुखर हुए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के बासमती चावल उत्पादक किसानों की कमाई पर दूसरे राज्य डाका डाल रहे हैं। राज्य में उत्पादित बासमती चावल को जीआई टैग नहीं मिलने से दूसरे राज्यों के व्यापारी मध्यप्रदेश के बासमती चावल को अपने राज्य का टैग लगाकर निर्यात कर रहे हैं। इससे मध्यप्रदेश के किसानों का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने जैविक कपास का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने इन मुद्दों पर केंद्र सरकार से तुरंत बैठक बुलाने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जीआई (GI) टैग और जैविक कपास (Organic Cotton) के उत्पादन में अनियमितताओं के आरोप लगा चुके हैं। इन मुद्दों की जांच के लिए वे पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुके है।
मध्यप्रदेश के 14 जिलों श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, गुना, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा, होशंगाबाद, नरसिंहपुर, जबलपुर) में उत्पादित बासमती को तत्काल जीआई टैग देने की दिग्विजय सिंह की मुख्य मांग है। उनका आरोप है कि एपीईडीए (APEDA) मप्र के बासमती को टैग नहीं दे रहा है, जिससे प्रदेश के किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
दिग्विजय सिंह ने अपनी मांग पूरी न होने पर अनशन करने और राज्य के किसानों के साथ आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना कि सन 2013 में केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार ने टैग मंजूर किया था लेकिन 2016 में बीजेपी की सरकार ने इसे वापस ले लिया।
प्रदेश में जैविक कपास घोटाला (Organic Cotton Scam) की भी दिग्विजय सिंह जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में कपास को 'जैविक' बताकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचकर हजारों करोड़ का टैक्स/जीएसटी चोरी की गई है। यह बड़ा घोटाला है जिसकी सीबीआई (CBI) जांच की जानी चाहिए। दिग्विजय सिंह का कहना है कि सर्टिफिकेट एजेंसियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
इस मामले में एक प्रमाणन निकाय को निलंबित किया गया था और कुछ केस में एफआईआर भी दर्ज की गई है। दिग्विजय सिंह का दावा है कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल स्वीकार कर चुके हैं कि 2024 में जांच में गंभीर उल्लंघन पाए गए थे। इसके बाद कार्रवाई भी की गई।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने दोबारा ये मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को बाकायदा पत्र लिखकर मध्यप्रदेश में उत्पादित बासमती चावल एवं जैविक कपास से जुड़े गंभीर मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठक की मांग की है। दिग्विजय सिंह का यह भी कहना है कि इस बैठक में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी शामिल किया जाए। उन्होंने
बैठक में APEDA के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया है।
Updated on:
29 Apr 2026 01:47 pm
Published on:
29 Apr 2026 01:45 pm
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