टीकमगढ़. जिले में रबी सीजन की फ सलें इस समय फू ल अवस्था में है, ऐसे में मौसम ने अचानक करवट लेकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बड़ागांव धसान, बुडेरा, हटा, बल्देवगढ़, खरगापुर, पलेरा सहित जिले के कई अन्य क्षेत्रों में सुबह से बादलों की गरज चमक के साथ हलकी और भारी बारिश का […]
टीकमगढ़. जिले में रबी सीजन की फ सलें इस समय फू ल अवस्था में है, ऐसे में मौसम ने अचानक करवट लेकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बड़ागांव धसान, बुडेरा, हटा, बल्देवगढ़, खरगापुर, पलेरा सहित जिले के कई अन्य क्षेत्रों में सुबह से बादलों की गरज चमक के साथ हलकी और भारी बारिश का दौर शुरू हो गया। तेज हवाओं के साथ हुई इस बारिश ने खेतों में खड़ी फ सलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस समय गेहूं, चना, मसूर सहित अन्य रबी फ सलें फू ल और बालियां बनने की अवस्था में है। ऐसे में लगातार बारिश और हवाएं फ सलों के झुकने, फूल झडऩे और दाने प्रभावित होने का कारण बन सकती है। यदि मौसम ऐसा ही बना रहा तो उत्पादन पर सीधा असर पडऩा तय माना जा रहा है। चार दिन पहले खराब हुए मौसम में गेहूं की फसल गिर गई थी। अब फिर से वहीं स्थिति शुरू हो गई है।
बारिश शुरू होते ही खेतों का रुख करने वाले किसानों के चेहरों पर चिंता साफ देखी गई। पहले ही लागत बढऩे से परेशान किसान अब फ सल खराब होने की आशंका से डरे हुए है। किसान प्रभू लोधी, संतोष पाल, श्याम यादव और किशोरी कुशवाहा ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ नहीं हुआ तो मेहनत पर पानी फि र सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और आगे की स्थिति पर अब किसानों की निगाहें टिकी हुई है, वहीं प्रशासन और कृषि विभाग से भी फसल बचाव को लेकर मार्गदर्शन की अपेक्षा की जा रही है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ दीपक कोडरे ने बताया कि ३१ जनवरी से ४ फरवरी तक मौसम खराब है। २ फरवरी को बारिश ९ मिमी, अधिकतक तापमान २५ डिग्री, न्यूनतम १० डिग्री, बादलों की स्थिति ६५ फीसदी, हवा की रफ्तार ८ प्रतिघंटा और हवा की दिशा ९५ फीसदी बनी हुई है। साथ ही ३ फरवरी को ५ मिमी बारिश, ४ फरवरी को ७ मिमी बारिश और हवा की दिशा ११० की रफ्तार से दौड़ेगी।