टीकमगढ़

कारी के जंगल में सुरक्षित नहीं सागौन के पेेड

सगोना का काट लिया पेड़

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Dec 12, 2024
सगोना का काट लिया पेड़

दिन प्रतिदिन हो रही कटाई पर नहीं लग रही रोक, शिकायतों का भी नहीं कार्रवाई

टीकमगढ़. वन परिक्षेत्र कारी की बीट क्रमांक दो के पीरोठा जंगल में सगौना के पेड़ों की कटाई दिन और रात्रि में की जा रही है। जबकि उसी बीट में वनरक्षकों को रूकने के आवास बने है। पेड़ों की बढ़ती कटाई को रोकने का प्रयास जिम्मेदारों द्वारा नहीं किया जा रहा है। जिसकी शिकायत संबंधित वन रक्षकों से की जाती है, लेकिन उनके द्वारा मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां का जंगल तीन बीट कारी, पनयाराखेरा और बिलगायं में फैला है। इन तीनों बीटों पर वनरक्षकों को तैनात किया गया है। उनके रूकने के लिए आवास बनाए गए है। लेकिन यहां पर उनकी अनुपस्थिति बनी रहती है। इस कारण से जंगल में लगे सागौना के पेड़ों की कटाई अधाधुंध की जा रही है। पेड़ों के झाड़ सडक़ किनारे फैले देखने को मिल रहे है। जलाऊ लकड़ी के रूप में उन्हें उठाकर लोग ले जा रहे है। वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा के साथ मिट्टी उठाने का कार्य किया जा रहा है। जिन्हें रोकने का कार्य नहीं किया जा रहा है।

यहां से काटे गए पेड़
कारी जंगल की बीट दो में कारी खदान रोड के किनारे और पीरोठा के साथ अन्य स्थानों के पेड़ काटे गए है। इस अवैध कटाई को रोकने का कार्य तैनात कर्मचारी द्वारा नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना था कि यहां पर पदस्थ वनरक्षक अधिकतर अनुपस्थित रहते है। जिसका फायदा ग्रामीणों द्वारा उठाया जा रहा है। पेड़ों की कटाई के साथ जंगल से मिट्टी भी उठाई जा रही है। उस मिट्टी से रेत बनाने का कार्य किया जा रहा है। मामले में वन रेंजर सौरभ जैन से बात हुई, लेकिन उनके द्वारा कोई जबाव नहीं दिया गया है।

Published on:
12 Dec 2024 11:24 am
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