टीकमगढ़ वन परिक्षेत्र के गोटेट जंगल में वन विभाग ने एक बार फिर बुलडोजर चलाकर ३० हेक्टेयर जमीन को मुक्त कराया है। दो चली वन विभाग की कार्रवाई में कच्चे पक्के मकान, कुएं, खेत बाड़ी व झुग्गियां ध्वस्त कर दिया है। वन परिक्षेत्र की बीट चंदेरा के कक्ष क्रमांक पी 242 एवं नवीन कक्ष क्रमांक […]
टीकमगढ़ वन परिक्षेत्र के गोटेट जंगल में वन विभाग ने एक बार फिर बुलडोजर चलाकर ३० हेक्टेयर जमीन को मुक्त कराया है। दो चली वन विभाग की कार्रवाई में कच्चे पक्के मकान, कुएं, खेत बाड़ी व झुग्गियां ध्वस्त कर दिया है। वन परिक्षेत्र की बीट चंदेरा के कक्ष क्रमांक पी 242 एवं नवीन कक्ष क्रमांक पी 565 स्थित क्षेत्र से वर्षों से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया गया है। अतिक्रमण कारियों पर नामदज मामला दर्ज किया गया है।
वन विभाग ने अभियान के दौरान लगभग 30 हेक्टेयर से अधिक बहुमूल्य वन भूमि को अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त कराया है। जिस पर वर्षों से अवैध रूप से खेती,निर्माण और रहवास किया जा रहा था। वन संपदा की रक्षा एवं अवैध अतिक्रमण के खिलाफ 4 एवं 5 जनवरी को कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया गया है। दो दिनों की कार्रवाई में लगभग ३० हेक्टेयर का अतिक्रमण हटा है।
बेदखली अभियान में दो जेसीबी मशीनों का उपयोग करते हुए अतिक्रमणकारियों द्वारा निर्मित कच्चे एवं पक्के मकान, कुएं, खेत बाड़ी, झोपडिय़ां एवं अन्य संरचनाएं ध्वस्त कर दी गईं। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से वन भूमि में बड़ी खाइयां, गहरे गड्ढे एवं ट्रेंच भी खुदवाई गईं, ताकि भविष्य में दोबारा कब्जा न किया जा सके।
कार्रवाई के दौरान धरमू अहिरवार, छंदी अहिरवार, जहिंद्र अहिरवार, करण आदिवासी, रामदास अहिरवार सहित अन्य अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ नामजद वन मामला दर्ज किया है। दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की तैयारी है।
कार्रवाई को शांतिपूर्ण एवं प्रभावी बनाने के लिए लिधौरा थाना पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही जतारा रेंज का संपूर्ण पुरुष एवं महिला वन अमला मौके पर उपस्थित रहा। प्रशासनिक समन्वय के साथ बिना किसी अप्रिय घटना के अभियान को सफ लतापूर्वक पूर्ण किया गया। इसके साथ ही वन परिक्षेत्र अधिकारी शिशुपाल अहिरवार रहे।