कार्रवाई करने पहुंची थी तहसीलदार।
पहले तहसीलदार ने अग्रवाल कंट्रेक्शन के दो डपंर और मशीन पकड़ी
टीकमगढ़. क्षेत्र के बैरवार तिगेला से रानीगंज तिगेला एनएच ५३९ की २९.२४ किमी तक की सडक़ लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार कर रहे है। उसके पुराव के लिए बगैर अनुमति से बैरवार पहाड़ी को खोदा जा रहा है। सूचना पर सोमवार को जतारा तहसीलदार वंदना सिंह द्वारा कार्रवाई की गई। कार्रवाई में दो डंपर और एक मशीन को जब्त किया था। लेकिन तहसीलदार की कार्रवाई मंगलवार को संदिग्ध दिखाई दे रही है। अब वह कार्रवाई करने से पीछे हटती दिखाई दे रही है।
लोक निर्माण विभाग द्वारा बैरवार तिगेला से रानीगंज तिगेला एनएच ५३९ की २९.२४ किमी तक ३० करोड की लागत से ६ अक्टूबर २०२३ को निर्माण कार्य शुरू किया गया था। २५ मई २०२५ तक निर्माण कार्य पूर्ण करना है। रोड की गारंटी ४ मई २०२३ से पांच वर्ष तक रहेगी। यह निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी ईई इंद्रकुमार शुक्ला, एसडीओ डीपी साहू और उपयंत्री मनोज रिछारिया द्वारा की जा रही है। उसके बाद भी संबंधित ठेकेदार द्वारा बगैर अनुमति से बैरवार पहाड़ी को खोदा जा रहा है। सूचना मिलने पर उत्खनन वाले स्थान के पास राजस्व विभाग की टीम पहुंची। उन्होंने अग्रवाल कंट्रेक्शन लिखे दो डंपर और खुदाई करने वाली मशीन को जब्त करके कब्जे में लेकर तहसील पहुंची।
ऐसे हुई कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार द्वारा राजस्व विभाग की पहाड़ी से अवैध उत्खनन खनन किया जा रहा था। ग्रामीणों की शिकायत पर तहसीलदार वंदना सिंह की टीम ने कार्रवाई की। कुछ ही घंटे बाद अधिकारी कर्मचारी ने ना केवल मशीन और दोनों डंपर को छोड़ा। उन्होंने कार्रवाई में खानापूर्ति करने लगी। जबकि पहाड़ी पर खुदाई का पूरा कार्य अवैध चल रहा था।
नहीं थी कोई अनुमति
बताया गया कि लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने बगैर अनुमति से बैरवार की पहाड़ी को खोद दिया है। वहां की मिट्टी मुरम को सडक़ निर्माण की पुलिया और सडक़ किनार पर पुराव किया गया है। जब तो तहसीलदार ने वाहनों को जब्त कर लिया। फिर राजनैतिक पदाधिकारियों के दबाव में कार्रवाई से मुकरने लगी है।
इनका कहना
अभी सडक़ की पटरियों बनाने के लिए ठेकेदार मिट्टी खनन कर रहे। जिसकी रॉयल्टी विभाग द्वारा खनिज विभाग को जमा की जाएगी। फि र परमिशन लेने के लिए आवेदन किया जाएगा।
डीपी साहू, एसडीओ लोक निर्माण विभाग जतारा।
सरकारी निमार्ण कार्य का खनन किया जा रहा था। अभी कोई अनुमति नहीं थी। जिसकी अनुमति खनिज विभाग से ली जाएगी, मशीन और डंपर को इसलिए छोडा गया है ताकि सरकारी निर्माण कार्य प्रभावित ना हों।
वंदना सिंह तहसीलदार, जतारा।