टीकमगढ़

30 प्रकार से अधिक प्रजाति के है बुंदेलखंड में सांप, तीन सांपों में रहता है सबसे अधिक जहर

सांपों का रेस्क्यू करते अमर सिंह।

2 min read
Aug 28, 2024
सांपों का रेस्क्यू करते अमर सिंह।

बिलो में पानी भरने से आते बाहर, मनुष्यों की गंद व चूहों के शिकार में पहुंचता है पास
टीकमगढ़.बुंदेलखंड में 30 प्रकार की प्रजाति सांपो की पाई जाती है। जिसमें सबसे अधिक जहरीले सांप तीन होते है। उसमें से सबसे अधिक जहरीला देश में कॉमन करैत ,साइलेंट किलर, (करियां गडेता) सांप होता है। जो मनुष्यों की गंद से विस्तर में पहुंच जाता है और लोगों को डस लेता है। सेवा के उद्देश्य से आज तक 1277 सांपों का रेस्क्यू किया है और जंगल में छोड़ा गया है। सर्प दंश से पीडि़त 100 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराकर जाने बचाई है।
अजनौर के अमर सिंह लोधी और उनकी टीम ने बताया कि जिले के सैकड़ों गांव में सांपों का रेस्क्यू किया है। जिसमें 30 से अधिक प्रकार के सांप और अन्य जीव मिले है। उनको डिब्बों में बंद करके जंगल छोड़ा है। जिसमें सरकार के विभागों का कोई सहयोग नहीं है। उन्होंने बताया कि आज तक 1277 से अधिक सभी प्रकार के सांपों का रेस्क्यू किया गया है। एक बार तो कोबरा काले नाग सांप ने डस भी लिया था। जिसका उपचार जिला अस्पताल में कराया गया और डॉ. अजीत जैन व डॉ. वैभव जैन ने किया है। सर्प दंश से पीडि़त लोगों को झाड फ ूक की जगह स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी जाती है।

30 प्रकार की है सांपों की प्रजाति
उनका कहना था कि एशिया का सबसे जहरीला सांप क कॉमन करैत , साइलेंट किलर, सांप है। जो रात्रिचर होता है। जिसको बुंदेलखंड में करिया गणेता बोला जात है। दूसरा सांप स्प्रैक्टिकल कोबरा काला नाग और तीसरा सांप रसैल वाईपर चित्ती चितल सांप है। यह तीनों सांप बुंदेलखंड में पाए जाते है। सांपों की लगभग 30 प्रकार की प्रजातियां यहां रहती है। जिनमें से तीन ही सांप जहरीले है। दो सांपों के अंदर न्यूरोटोक्सीन और एक के अंदर हीमोटोक्सीन जहर पाया जाता है।

बारिश के समय निकलते है बाहर
उन्होंने बताया कि इन जीवों को चार महीने सबसे अधिक परेशानियां रहती है। बारिश के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भरा जाता है। जिससे वह बाहर निकल आते है और जमीन पर सोने वाले मनुष्य को डस लेते है। जमीन पर सोने वाले व्यक्ति फ ुल साइज की मच्छरदानी का उपयोग करें। उनका कहना था कि तीन सांप ही जहरीले है और विश खोपड़ा यानी गुहेरे के बारे में ज्यादा भ्रांतियां फैली है। उसमें विशदंत नहीं पाए जाते है। इंग्लिश में मॉनिटर लिजर्ड बोलते है।

यह दी सलाह
जमीन पर सोने वाला व्यक्ति मच्छरदानी का उपयोग करें। घर से बाहर रात्रि के समय टॉर्च लेकर निकले। घर के आसपास कचरा नहीं फैलाएं। सर्प दंश से पीडि़त व्यक्ति झाड फूंक ओझा गुनी तंत्र.मंत्र में न उलझे। उसे तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराए।

Published on:
28 Aug 2024 11:15 am
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