टीकमगढ़

जिले में अब तक केवल 380 जलस्रोतों के ही लिए गए पानी के सैंपल

इंदौर हादसे के बाद पीएचई विभाग सक्रिय

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Jan 13, 2026
इंदौर हादसे के बाद पीएचई विभाग सक्रिय

टीकमगढ़. इंदौर में दूषित पानी से 21 लोगों की मौत के बाद टीकमगढ़ जिला प्रशासन और पीएचई विभाग हरकत में आ गया है। जिले में नगरपालिका एवं ग्रामीण क्षेत्रों की पानी की टंकियों, स्कूलों के हैंडपंप और ट्यूबवेल से पानी के नमूने लिए जा रहे है। हालांकि जिले में संचालित हजारों जलस्रोतों की तुलना में अब तक केवल 380 जलस्रोतों के ही सैंपल लिए जा सके है, जो नाकाफी माने जा रहे है।

जिले में प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्राम पंचायतें, नगरपालिका और नगर परिषदों में हजारों जलस्रोत मौजूद है। इसके बावजूद जांच की रफ्तार बेहद धीमी है। शहर की निचली बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्रों के पथरीले इलाकों में पानी लंबे समय से दूषित और खारा बना हुआ है, जहां सैंपल लेना अत्यंत आवश्यक है। इन क्षेत्रों में अभी तक पीएचई विभाग की टीमें नहीं पहुंच सकी है।

इन क्षेत्रों में जांच की सबसे ज्यादा जरूरत

जतारा के मोहनगढ़, टीकमगढ़ के बुडेरा और बल्देवगढ़ के हटा क्षेत्र में पानी अत्यधिक खारा है। वहीं कारी, बल्देवगढ़, खरगापुर, जतारा और टीकमगढ़ की निचली बस्तियों में पानी की मीठास कम पाई जा रही है। इन सभी क्षेत्रों के जलस्रोतों की तत्काल जांच की मांग की जा रही है।

380 में से 2 सैंपल अमानक

पीएचई विभाग के अनुसार अब तक जिले से 380 पानी के नमूने लिए गए है। जिनमें से 299 सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इनमें से टीकमगढ़ और बल्देवगढ़ के दो सैंपल अमानक पाए गए है। अभी 81 और सैंपल लिए जाना बाकी है। एक सैकड़ा से अधिक सैंपल मानक स्तर के पाए गए है।

आंकड़े चौंकाने वाले

जिले में 8 नगरीय निकाय, 324 ग्राम पंचायतें, 120 वार्ड, 1296 आंगनबाड़ी केंद्र, 487 जल जीवन मिशन योजनाएं, 262 पूर्ण,

1412 प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी विद्यालय मौजूद है, लेकिन इन सबके बीच अब तक केवल 380 जलस्रोतों की ही जांच हो सकी है।

जिले में अब तक 380 सैंपल लिए गए है, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। कई सैंपल मानक पाए गए है और जल्द ही शेष जलस्रोतों की भी जांच की जाएगी।

अनिल लगरखा, ई ई पीएचई विभाग टीकमगढ।

प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी विद्यालयों के जलस्रोतों की जांच पीएचई विभाग द्वारा कराई जा रही है। सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही पानी की गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होगी।

पीआर त्रिपाठी, डीपीसी सर्वशिक्षा अभियान टीकमगढ़।

Published on:
13 Jan 2026 12:36 pm
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