टीकमगढ़ नगर की सबसे व्यस्त सडक़ों में शामिल गल्ला मंडी रोड और कुण्डेश्वर रोड का चौड़ीकरण चार वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। वर्ष 2023 में नगरपालिका एवं संबंधित विभागों द्वारा अतिक्रमण हटाकर निर्धारित चौड़ाई के अनुसार नाली निर्माण कराया गया था, लेकिन इसके बाद से आज तक सडक़ निर्माण कार्य ठप पड़ा […]
टीकमगढ़ नगर की सबसे व्यस्त सडक़ों में शामिल गल्ला मंडी रोड और कुण्डेश्वर रोड का चौड़ीकरण चार वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। वर्ष 2023 में नगरपालिका एवं संबंधित विभागों द्वारा अतिक्रमण हटाकर निर्धारित चौड़ाई के अनुसार नाली निर्माण कराया गया था, लेकिन इसके बाद से आज तक सडक़ निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है।
अधूरे निर्माण कार्य के कारण इन मार्गों पर आए दिन सडक़ दुर्घटनाएं हो रही है। बारिश के मौसम में भारी वाहनों की आवाजाही और भी मुश्किल हो जाती है। अनाज मंडी से जुड़े इन मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉली व ट्रक गुजरते है। जिससे स्थिति और गंभीर बनी हुई है। नगरपालिका निकाय निधि से महेंद्र सागर बंधान सडक़ तथा कुंवरपुरा गांव से ढोंगा के पास स्थित छात्रावास तक सडक़ चौड़ीकरण का कार्य कराया गया था।
सडक़ किनारे पटरी खोदकर नाली निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन नगर पालिका व विधानसभा चुनाव के बाद से कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है।
जानकारी के अनुसार गल्ला मंडी रोड और महेंद्र सागर तालाब बंधान सडक़ चौड़ीकरण का ठेका लेने वाला ठेकेदार कार्य अधूरा छोडक़र गायब हो गया है। वर्ष 2023 से अधूरे पड़े कार्य पर जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पुराने प्रकरण का हवाला देकर मामले को नजर अंदाज किया जा रहा है। चुनाव बाद ठप पड़ा विकास
नगरपालिका और विधानसभा चुनाव के बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है। पुराने प्रकरण का हवाला देकर फ ाइले दबा दी गई है। जबकि इसी सडक़ से मंडी, छात्रावास और मुख्य बाजार जुड़े हुए है। सूत्रों के अनुसार यह कार्य नगरपालिका निकाय निधि से कराया गया था। इसके बावजूद नपा प्रशासन द्वारा ठेकेदार के खिलाफ न तो कार्रवाई की गई और न ही ब्लैकलिस्ट का कार्य हुआ।
किसान प्रीतम घोष, राकेश यादव और रतन सिंह घोष ने बताया कि खरीफ और रबी सीजन में जब वे अनाज लेकर मंडी आते है। तब कुंवरपुरा और ढोंगा रोड पर सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार अनाज से भरे वाहन पलट चुके है। वहीं छात्र संतोष अहिरवार और कुलदीप ने बताया कि कॉलेज संबंधी कार्यों के लिए ताल कोठी आना जाना पड़ता है, लेकिन सडक़ किनारे खोदी गई पटरी के कारण चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
मामले को लेकर पार्षदों एवं मंडी बोर्ड अधिकारियों द्वारा लिखित शिकायतें भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नागरिकों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्य पूरा नहीं कराया गया तो कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। मामले में नगरपालिका सीएमओ का पक्ष जानना चाहा, लेकिन उनका मोबाइल बंद बता रहा है।