
Toxic Movie: साउथ सुपरस्टार यश की फिल्म 'टॉक्सिक' को लेकर रिलीज से पहले दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता थी। 'केजीएफ' जैसी बड़ी सफलता के बाद यश की इस फिल्म से भी जबरदस्त उम्मीदें लगाई जा रही थीं। हालांकि रिलीज के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उस स्तर का प्रदर्शन नहीं कर पाई, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। फिल्म की कहानी और मेकिंग को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की चर्चाएं हुईं। इसी बीच ऐसी बातें सामने आने लगीं कि फिल्म के निर्माण में यश की भूमिका काफी ज्यादा थी और निर्देशक गीथू मोहंदास का काम केवल नाम तक सीमित रह गया था। अब फिल्म में अहम किरदार निभाने वाले अभिनेता अक्षय ओबेरॉय ने इन चर्चाओं पर अपनी बात रखी है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान अक्षय ओबेरॉय ने ‘Toxic’ के प्रदर्शन पर खुलकर बात की। उन्होंने माना कि किसी फिल्म के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने पर पूरी टीम के लिए यह दौर मुश्किल होता है। उनका कहना था कि फिल्म रिलीज होने के बाद उसके हर हिस्से का विश्लेषण किया जा सकता है, लेकिन कई बार ऐसी फिल्में भी अच्छा कारोबार कर जाती हैं, जिन्हें दर्शकों से खास प्रतिक्रिया नहीं मिलती।
अक्षय ने यह भी कहा कि ‘Toxic’ को बनाने में पूरी टीम ने काफी मेहनत की थी। उनके मुताबिक फिल्म का विचार बड़े स्तर पर कुछ अलग पेश करने का था। फिल्म की शूटिंग और उसकी तैयारी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन आखिर में फिल्म दर्शकों से उस तरह जुड़ नहीं सकी, जैसी टीम ने उम्मीद की थी।
‘Toxic’ के निर्देशन को लेकर चल रही चर्चाओं पर अक्षय ने अपने अनुभव के आधार पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान उन्हें ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया, जिससे यह लगे कि यश निर्देशन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अक्षय के मुताबिक सेट पर उन्हें निर्देश गीथू मोहंदास से ही मिले और वह उनके साथ दोबारा काम करना चाहेंगे।
अक्षय ने यह भी माना कि दर्शकों को फिल्म देखने के बाद अपनी राय रखने और उसकी कमियों पर चर्चा करने का पूरा अधिकार है। लेकिन उन्होंने अपनी तरफ से फिल्म के कमजोर प्रदर्शन के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया।
अक्षय ने यश की कार्यशैली की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यश का करियर को लेकर नजरिया बाकी कलाकारों से काफी अलग है। अक्षय के मुताबिक यश किसी निर्माता या निर्देशक के फोन का इंतजार करने के बजाय अपने दम पर चीजें खड़ी करने में विश्वास रखते हैं।
अक्षय ने कहा कि ‘KGF’ के जरिए यश ने कन्नड़ सिनेमा को देशभर में एक अलग पहचान दिलाई और ‘Toxic’ के जरिए उनका लक्ष्य इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का था। भले ही फिल्म उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रही, लेकिन अक्षय के मुताबिक यश ने बड़ा प्रयोग करने की कोशिश जरूर की।
अक्षय ने बताया कि ‘Toxic’ की शूटिंग खत्म होने के बाद भी उनका और यश का संपर्क बना रहा। दोनों ने फिल्म के हिंदी संवाद, स्क्रिप्ट, बिजनेस और VFX से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की। अक्षय के मुताबिक यश ने उन्हें फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन से जुड़ी कई प्रक्रियाओं में शामिल किया, जिससे उन्हें सिनेमा और फिल्म बिजनेस को समझने का मौका मिला।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने फिल्म के कई किरदारों के संवादों की डबिंग में हिस्सा लिया और बाद में तकनीक की मदद से आवाज में बदलाव भी किए गए। अक्षय के लिए यह अनुभव इसलिए खास था क्योंकि आमतौर पर अभिनेता फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद पोस्ट प्रोडक्शन के इतने हिस्से में शामिल नहीं होते।
‘Toxic’ की असफलता के बावजूद अक्षय ओबेरॉय ने फिल्म से जुड़े अपने अनुभव को सकारात्मक बताया और कहा कि पूरी टीम ने अपनी तरफ से पूरी मेहनत की थी। वहीं यश की कार्यशैली और महत्वाकांक्षा ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर काफी प्रभावित किया है।