
Namitha Career Big Revelation: कभी साउथ सिनेमा की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल रहीं नमिता एक बार फिर चर्चा में हैं। वजह उनका पुराना दौर है, जिसे उन्होंने अब खुलकर बताया है। नमिता ने माना कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें अपनी लोकप्रियता पर घमंड हो गया था। उनका रवैया भी काफी रूखा हो गया था। बदल गया था।
नमिता ने ‘टूरिंग टॉकीज’ को दिए इंटरव्यू में अपने पुराने दिनों के बारे में बात की। उन्होंने बिना किसी झिझक के माना कि वह उस समय घमंडी थीं। नमिता ने कहा कि उनका स्वभाव भी रूखा था। अचानक मिली लोकप्रियता ने उनके अंदर घमंड पैदा कर दिया था।
उन्होंने बताया कि उनके करियर के शुरुआती दो साल काफी अच्छे रहे। उन्हें लगातार फिल्में मिल रही थीं। मीडिया का ध्यान भी उन पर था। इसी वजह से उनके व्यवहार में बदलाव आने लगा। सेट पर उनके साथ काम करने वाले लोगों को भी परेशानी होने लगी। इनमें को-स्टार्स के अलावा टेक्नीशियन और जूनियर क्रू मेंबर्स भी शामिल थे।
नमिता ने आगे बताया कि उन्हें सिर्फ एक व्यक्ति ने नहीं समझाया था। इंडस्ट्री के कई लोगों ने उन्हें सलाह दी। कुछ लोगों ने उन्हें साफ शब्दों में कहा- ‘अगर तुम्हारा यही रवैया रहा, तो तुम इस इंडस्ट्री में ज्यादा दिन नहीं टिक पाओगी।’
यह बात नमिता के लिए एक बड़ा सबक बनी। उन्होंने अपनी गलतियों को समझा। इसके बाद उन्होंने खुद को बदलने की कोशिश की। नमिता ने यह भी माना कि उनके करियर में कुछ ऐसी फिल्में थीं, जिन्हें उन्हें नहीं करना चाहिए था। समय के साथ उन्हें अपने फैसलों पर भी सोचने का मौका मिला।
बता दें नमिता का जन्म 10 मई 1981 को गुजरात के सूरत में हुआ था। उन्होंने महज 17 साल की उम्र में मिस सूरत का खिताब जीता था। इसके बाद उन्होंने 2001 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वह तीसरी रनर-अप रहीं। सेलिना जेटली ने उस साल खिताब जीता था। हिंदी फिल्मों में मौका नहीं मिलने के बाद नमिता ने साउथ का रुख किया। उनकी तेलुगु डेब्यू फिल्म ‘सोंथम’ थी। इसके बाद उन्होंने तमिल सिनेमा में कदम रखा।
2004 से 2009 के बीच उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा। तमिलनाडु में उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग बन गई। वह प्रभास के साथ फिल्म रुबेल, रुबेल-2 ‘बिल्ला’ में भी नजर आईं। बाद में फिल्मों में उनके मौके कम होते गए। उन्होंने छोटे रोल और गेस्ट अपीयरेंस भी किए। 2017 में वह ‘बिग बॉस तमिल’ के पहले सीजन में नजर आईं।
इसके बाद नमिता ने अपने परिवार और राजनीतिक गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया। आज वह अपने पुराने दौर को पीछे मुड़कर देखती हैं और मानती हैं कि समय पर मिली सलाह ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया।