राजकीय सआदत अस्पताल टोंक में गत फरवरी माह में नियमों के विपरीत सामान्य वार्ड को आईसीयू वार्ड में तब्दील किया गया है, लेकिन नियमों के मुताबिक न तो एसी की सुविधा है न ही पर्याप्त स्टाफ। गर्मी में पुराने एयरकंडीशनर गर्म हवा फेंक रहे हैं। जबकि नए एसी की खरीद टेंडर प्रक्रिया में उलझी है।
टोंक. जिले के सबसे बड़े राजकीय सआदत अस्पताल टोंक में गत फरवरी माह में नियमों के विपरीत सामान्य वार्ड को आईसीयू वार्ड में तब्दील किया गया है, लेकिन नियमों के मुताबिक न तो एसी की सुविधा है न ही पर्याप्त स्टाफ। गर्मी में पुराने एयरकंडीशनर गर्म हवा फेंक रहे हैं। जबकि नए एसी की खरीद टेंडर प्रक्रिया में उलझी है। ऐसे हालतों में मरीजों सहित स्टाफ को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही मरीजों के साथ भी खिलवाड़ ही साबित हो रहा है।
तीसरी जगह किया शिफ्ट: राजकीय सआदत अस्पताल में प्रथम तल पर पुराने भवन में संचालित सर्जिकल वार्ड के पास पूर्व में आईसीयू का संचालन किया जा रहा था। इसके बाद नई आपतकालीन इकाई के उपर द्वितीय मंजिल पर दिसम्बर 2021 से जनवरी 2023 (13 माह तक) दूसरी जगह आईसीयू को शिफ्ट किया गया।
जहां पर पांच बैड पर दो एसी लगाए गए थे। इसी प्रकार पुराने भवन के उपर प्रथम तल पर कोरोना काल में बनाए गए 15 बैडेड टर्की बेसिस कोविड आईसीयू फरवरी 2023 से वर्तमान में तीसरे स्थान पर संचालन किया जा रहा है। इस वार्ड में 15 बैड लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक दो ही ऐसी लग पाए है, वो भी पुराने हैं, जो सही काम नहीं कर रहे है।
आवश्यकता छह की, लगाए दो पुराने
जानकारों के अनुसार वार्ड के स्पेस के मुताबिक दो-दो टन के छह एसी का होना अनिवार्य है। जबकि वर्तमान में अन्य स्थान से खोलकर पुराने दो एसी लगाकर खानापूर्ति कर दी गई। इनकी मरम्मत पर करीब आठ हजार रुपए खर्च करने के बाद भी ना तो सही चल पा रहे है और ना ही वार्ड में कूङ्क्षलग हो रही है। नियमों के खिलाफ संचालित आईसीयू वार्ड में मिली अनियमितताओं को लेकर पूर्व विधायक अजीत मेहता ने पिछले महीने नाराजगी व्यक्त की थी।
इस माह में अब तक 64 मरीज हुए भर्ती: सआदत अस्पताल में संचालित नए आईसीयू वार्ड में गत माह 156 तो इस माह में 64 अब तक मरीज भर्ती हुए हैं। वार्ड में एसी की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर भीषण गर्मी में मरीज व परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
-आईसीयू वार्ड में नए एसी लगाने के लिए गत दिनों टेण्डर किया था, लेकिन वो निरस्त हो गया। अब नए सिरे से दुबारा टेण्डर की प्रक्रिया की जा रही है।
डॉ. बीएल मीणा, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, सआदत अस्पताल, टोंक।