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निवाई। पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के बाहर सार्वजनिक निर्माण विभाग की भूमि पर वर्षों से जमे अतिक्रमणों पर आखिरकार प्रशासन का बुलडोजर चल गया। न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में पांच अवैध दुकानों को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, निवाई तहसीलदार एवं मौके के मजिस्ट्रेट नरेश गुर्जर तथा भारी पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात रहा।
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प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बीच एक महिला ने अतिक्रमण हटाने का विरोध करते हुए दावा किया कि वे न्यायालय से स्थगन आदेश लेकर आई हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसे अमान्य बताते हुए कार्रवाई जारी रखी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संबंधित सभी दुकानें विभाग की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित थी और इस मामले में न्यायालय द्वारा विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया जा चुका है। न्यायालय के आदेश की अनुपालना में ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में भी अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन समय पर हटाने की पहल नहीं होने के कारण सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल मच गई और देखते ही देखते हजारों लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। कई लोग मोबाइल फोन से वीडियो बनाते नजर आए, वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन भी किया। पुलिस बल ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आवाजाही बंद रखी गई।
इधर जयपुर में सिरसी रोड पर पांच्यावाला से सिरसी मोड़ तक 160 फीट सड़क सीमा में आ रहे अतिक्रमण हटाने के लिए जेडीए की ओर से जारी हुए नोटिसों के विरोध में व्यापारी लामबंद होकर सड़कों पर उतर आए हैं। सोमवार को पांच्यावाला-बिशनावाला व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखकर मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के आवास पर करीब 10 घंटे प्रदर्शन किया। हालांकि शाम को मंत्री के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया।
सुबह 9:30 बजे बड़ी संख्या में व्यापारी मंत्री के आवास पर पहुंचे। मंत्री के नहीं मिलने पर आक्रोशित व्यापारियों ने गेट के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। बिशनावाला व्यापार मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह शेखावत, विनोद महलां, महामंत्री राकेश बाड़ीवाल, लक्ष्मण कटारिया और राजकुमार चौधरी सहित अन्य व्यापारियों का तर्क है कि उनके पास करीब चार दशक पुराने पट्टे हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि दुकान और मॉल तोड़े जाते हैं तो सरकार मुआवजा या पुनर्वास की व्यवस्था करे।
Updated on:
14 Apr 2026 04:52 pm
Published on:
14 Apr 2026 02:20 pm
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