झूठन को खाने के लिए गायों व मवेशियों को राजमार्ग पर जमघट लग गया। इसके चलते वाहनों चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
देवली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संवाद सभा में शामिल होने जा रहे कोटा जिले के लाभार्थियों की सेवा के लिए वहां प्रशासनिक व पुलिस अमला लगा रहा है। इस दौरान शहर के जयपुर-कोटा बायपास पर अधिकारियों ने उनके लिए भोजन व पानी की व्यवस्था कराई।
लेकिन सभा में शामिल होने वाले लाभार्थी प्रधानमंत्री का सबसे मुख्य संदेश स्वच्छता ही भूल बैठे। इस दौरान कोटा जिले के लाभार्थियोंं के लिए शहर से गुजर रहे कुंचलवाड़ा बायपास स्थित निर्माणाधीन होटल के सामने व्यवस्था की।
यहां कोटा शहर के सहायक कलक्टर दुर्गाशंकर मीणा व डीएसओ अशोक मीणा ने लाभार्थियों के भोजन व कुछ देर विश्राम की व्यवस्था संभाली। अधिकारियों की अगुवाई में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने लाभार्थियों को पानी व भोजन पैकेट देने का काम किया।
वहीं महिला लाभार्थियों के लिए नगर पालिका देवली की मोबाइल टॉयलेट लगाए गए। लेकिन संख्या अधिक होने से महिला लाभार्थियों को दिक्कते हुई। इस दौरान अधिकारी लाभार्थियों को बस से उतरते ही अपना रजिस्टे्रशन करवाने व बाद में भोजन लेने की बात कहते रहे।
इसके अलावा पानी के कैम्परों की भी व्यवस्था की। इधर, जुगाड़ गाड़ी भरकर भोजन के पैकेट आते रहे। कई श्रमिकों ने बसों में लाकर लाभार्थियों को पैकेट दिए। इधर, पुलिस यातायात प्रबंधन में जुटी रही।
इससे पहले देवली थाना प्रभारी दुलीचंद गुर्जर की अगुवाई में पुलिस रातभर राजमार्ग पर गश्त करती रही तथा यातायात व्यवस्था की। पुलिस ने राजमार्ग पर अवैध कट को भी बंद सुरक्षा के लिहाज से बंद कराया।
इधर, चिन्ताहरण बालाजी मन्दिर के पास हनुमाननगर पुलिस व्यवस्था के लिए मौजूद रही। इस अवधि में लाभार्थियों को वीआईपी सुविधा मिल रही थी। यहीं नहीं जयपुर तक पूरे मार्ग पर सम्बधित क्षेत्र की थाना पुलिस अलर्ट थी।
स्वच्छता का संदेश भूले- बायपास पर भोजन के पैकेट लेने वाले कोटा जिले व अन्य क्षेत्रों से आएं लाभार्थी प्रधानमंत्री का स्वच्छता का संदेश भूल गए। यहां रुकने वाले तथा बस में भोजन का पैकेट साथ ले जाने वाले लाभार्थियों ने भोजन करके झूठन राजमार्ग पर फेंक दिए।
इससे पूरे राजमार्ग पर जगह-जगह भोजन के पैकेट बिखर गए। वहीं इन झूठन को खाने के लिए गायों व मवेशियों को राजमार्ग पर जमघट लग गया। इसके चलते वाहनों चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार नगर पालिका कर्मचारियों ने भी लाभार्थियों को भोजन की व्यवस्था कराई।