नगर परिषद में फर्जी दस्तावेज से पट्टे बनाने के कई मामले सामने आ गए। वहीं सडक़, नहर व नालों पर अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों और मामलों की जांच स्वायत्त शासन विभाग निदेशालय में चल रही है। ऐसे में शहर के समीप खेतों में कॉलोनी बसाने का खेल भी जमकर हुआ है।
प्रशासन शहरों के संग अभियान में भारी गड़बड़: मौके पर आबादी नहीं, कॉलोनी को कर दिया अनुमोदित
नगर परिषद में फर्जी दस्तावेज से पट्टे बनाने के कई मामले सामने आ गए। वहीं सडक़, नहर व नालों पर अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों और मामलों की जांच स्वायत्त शासन विभाग निदेशालय में चल रही है। ऐसे में शहर के समीप खेतों में कॉलोनी बसाने का खेल भी जमकर हुआ है।
टोंक शहर में नियम विरुद्ध खेतों में काटी गई अवैध कॉलोनियों पर नगर परिषद ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत 10 कॉलोनियों को नोटिस जारी किया है। नोटिस का समय पर जवाब नहीं दिया गया तो उन कॉलोनियों का भू-रूपांतरण पूर्व की भांति कर दिया जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ नगर परिषद के कर्मचारियों ने अभी भी 8 ऐसी कॉलोनियों को नोटिस नहीं दिया है, जो भी नियम विरुद्ध है। इसकी जानकारी कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को नहीं दी है। ऐसे में यह कॉलोनियां अभी वंचित है। दूसरी तरफ रेडियावास तलाई के कैचमेंट एरिया में बसी कॉलोनियों पर भी कार्रवाई बाकी है।
हालांकि इसकी रिपोर्ट राजस्व विभाग से मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद रेडियावास का कैचमेंट एरिया भी खाली कराया जाएगा। इसमें दर्जनों मकान बन गए हैं। कई मकान कैचमेंट एरिया में बन रहे हैं।
शिकायतों पर पहले देते ध्यान तो नहीं आती ऐसी नौबत
नगर परिषद में शिकायतों का अम्बार है। लेकिन पिछले पांच सालों में कार्रवाई नहीं हुई। अब राज्य में सरकार बदली है तो कार्रवाई शुरू हुई है। जबकि पिछले पांच सालों में शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो आज यह नौबत नहीं आती।
इसी का नतीजा रहा कि रेडियावास तलाई के कैचमेंट एरिया में कॉलोनी विकसित हो गई। जबकि इस एरिया पर पहले नगर परिषद ने कार्रवाई थी और कॉलोनी नहीं बसने दी। लेकिन तीन साल के अंतराल में वहां कॉलोनी विकसित कर दी गई। इसका नुकसान यह होता है कि बरसात के दिनों में पानी निकास नहीं होता और बावड़ी क्षेत्र में बाढ़ के हालात हो जाते हैं।
गलती मानी फिर भी कार्रवाई नहीं
नगर परिषद ने गत दिनों जांच कराई तो सामने आया कि कॉलोनियों के एपु्रड करने में भारी गलती की गई है। कनिष्ठ अभियंता की रिपोर्ट के अनुसार पाया गया कि प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021 में अनुमोदित कॉलोनियों में 10 प्रतिशत भी आबादी नहीं है।
ऐसे में उन्हें अनुमोदन से बाहर कर नियमानुसार खातेदार की ओर से नगर परिषद में राशि जमा कराने को कहा है। हालांकि इन कॉलोनाइजर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि फर्जी दस्तावेज के आधार पर प्रशासन शहरों के संग अभियान में कराए गए अनुमोदन पर इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
नोटिस देकर ही इतिश्री
नगर परिषद में भले ही गम्भीर गड़बड़ सामने आ रही हो। लेकिन जिम्मेदारों को महज नोटिस देकर ही छोड़ा जा रहा है। ऐसा पहले डाइट रोड पर न्यू विज्ञान नगर कॉलोनी में बिना आबादी के सरसों के खेतों के बीच बिछाई गई 30 लाख 76 हजार रुपए की सीसी सडक़ में सामने आया है।
जहां सहायक अभियंता व अधिशासी अभियंता को महज नोटिस ही जारी किया गया। जबकि मामले में 30 लाख 76 हजार की बड़ी राशि को बिना उपयोग खेतों में बिछाने और उसकी सिफारिश करने वालों पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई। जबकि ऐसे लोगों से ही सडक़ निर्माण का भुगतान वसूलना चाहिए। ताकि भविष्य में ऐसी गम्भीर गलती नहीं हो।
इन कॉलोनियों को दिया नोटिस
नगर परिषद ने सुंदरम नगर, रिशी नगर, इन्द्रप्रस्त विहार, रामबाग कॉलोनी, मधुबन विहार, रौनक पार्क, साकेत नगर, उत्तम नगर, नरम सेठ नगर शामिल है। जबकि अभी भी 8 कॉलोनियां ऐसी जो नियम विरुद्ध है। नगर परिषद ने उन पर अभी तक नजर नहीं डाली है।
खेत नहीं अब, सब जगह बन गई कॉलोनियां
शहर के समीप जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग, सोनवा रोड और सवाईमाधोपुर रोड पर खेत नजर नहीं आ रहे हैं। बिना भू-रूपांतरण के ही वहां खेतों में कॉलोनी काट दी गई है। इसके लिए बड़े-बड़े बोर्ड भी लगाए हैं। इसके बावजूद नगर परिषद उनको नजर अंदाज कर रही है। जबकि बिना भू-रूपांतरण खेतों में कॉलोनी काटना नियम विरुद्ध है।
यह बोलीं आयुक्त
नगर परिषद ने 10 कॉलोनियों को नोटिस दिया है। जवाब संतोष जनक नहीं हुए तो नियमानुसार उनका ले-आउट प्लान निरस्त कर दिया जाएगा। उनको फिर से खातेदारी में तब्दील कर दिया जाएगा।
- ममता नागर, आयुक्त नगर परिषद टोंक