
एसीबी द्वारा ट्रेप एएसआई गणेश नारायण चौधरी लाल घेरे में। (फोटो-पत्रिका)
टोंक। जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दत्तवास थाने में तैनात एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी पर एक मामले में राहत दिलाने और जब्त मोबाइल वापस करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो को एक परिवादी की ओर से शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दत्तवास थाने में दर्ज एक प्रकरण में राहत देने तथा पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन को लौटाने के एवज में एएसआई गणेश नारायण चौधरी 25 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
इसके बाद एसीबी जयपुर नगर तृतीय इकाई ने ट्रैप की योजना बनाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञानप्रकाश नवल के नेतृत्व में पुलिस उपाधीक्षक सुरेश कुमार स्वामी और उनकी टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। तय योजना के अनुसार परिवादी आरोपी एएसआई के पास रिश्वत की राशि लेकर पहुंचा। जैसे ही आरोपी ने 25 हजार रुपए की रकम स्वीकार की, पहले से मौके पर मौजूद एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद आरोपी एएसआई से पूछताछ की जा रही है। एसीबी अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग एसीबी की कार्रवाई को सराहनीय बता रहे हैं।
Updated on:
08 May 2026 10:17 pm
Published on:
08 May 2026 10:17 pm
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