
Bisalpur Dam Update: जयपुर,अजमेर व टोंक जिलों की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बीसलपुर बांध से राहतभरी खबर आई है। इस बार नौतपा पर पश्चिमी विक्षोभ भारी पड़ने से बांध के कैचमेंट एरिया के जलभराव से भाप बनकर उड़ रहे पानी की प्रक्रिया थम गई है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते सूरज की सीधी पड़ने वाली किरणों का असर बादलों के कारण सुस्त पड़ गया है, जिसके कारण बांध पर वाष्पीकरण का असर भी शून्य नजर आया है।
मिली जानकारी के अनुसार टोंक जिले के बीसलपुर बांध से जहां बीते एक जून से पूर्व पेयजल व वाष्पीकरण को लेकर प्रतिदिन 2 सेमी की रफ्तार से गेज घटने लगा था यह आंकड़ा अब एक सेमी से भी नीचे जा चुका है। बांध परियोजना के सहायक अभियंता दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि बांध का गेज गत एक जुलाई को 313.70 आरएल मीटर दर्ज किया था जो बीते पांच दिनों के दौरान महज तीन सेमी की कमी के साथ गुरूवार सुबह 6 बजे तक 313.67 आर एल मीटर दर्ज किया गया है जिसमें 26.010 टीएमसी का जलभराव है। जो शनिवार को बिना किसी घटत बढ़त के यथास्थिति में रहा।
यह आंकड़े एक जून से पूर्व भीषण गर्मी को लेकर रोजाना दो सेमी कम हो रहा था। जिसमें करीब एक सेमी जलापूर्ति तो एक सेमी वाष्पीकरण में माना जा रहा था। मगर अभी गेज प्रति दिन एक सेमी से भी कम की रफ्तार से घटा है। इसमें बांध क्षेत्र में हो रही बारिश से हुई पानी की मामूली आवक भी शामिल हैं।
बीसलपुर बांध परियोजना के सहायक अभियंता दिनेश बैरवा ने बताया कि बांध क्षेत्र में बीते 24 घंटे के दौरान कुल 52 मिमी बारिश दर्ज की गई है वही पिछले एक जून से अब तक कुल 65 एम एम बारिश दर्ज की जा चुकी है। शुक्रवार को हुई बारिश से करीब एक सेमी पानी की आवक होना माना जा रहा है। जिसके चलते बांध का गेज बीते 24 घंटे से जलापूर्ति के बाद भी बिना किसी घटत बढ़त के स्थिर बना हुआ है।
जलदाय विभाग ने करीब 15 वर्ष पहले बीसलपुर बांध के जलभराव में केमिकल का छिड़काव कर पानी के वाष्पीकरण को रोकने का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन उच्चस्तरीय मंजूरी नहीं मिलने पर प्रस्ताव अटक गया। हर साल पानी की बंपर आवक होने के बावजूद बांध से सालाना लाखों लीटर पानी वाष्पीकरण प्रक्रिया में घट जाता है। जिसका सीधा असर जयपुर, अजमेर और टोंक जिले में रोजाना जलापूर्ति पर पड़ता है। बांध में पानी की मात्रा कम होने पर शहरों को होने वाली जलापूर्ति में भी कटौती की जाती है।
बांध परियोजना अधिकारियों का कहना है कि इस बार मानसून के दौरान पानी की बंपर आवक होने पर एक बार फिर बीसलपुर बांध छलक सकता है। बांध का जलस्तर 313.67 आरएल मीटर पर स्थिर है और बांध कुल भराव क्षमता से महज 33 फीसदी दूर है।