
पुस्तक मेला शुरू: पुस्तकें करती हैं जीवन का सच्चा मार्गदर्शन
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन टोंक की ओर से शहर में पुस्तक मेले का शुभारंभ गुरुवार को किया गया। मेले की शुरुआत करते हुए एडीपीसी रमेश सिंह ने कहा इस संचार क्रांति के युग में पुस्तकों का अपना महत्व है। ये हमें सही रहा दिखाती है।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सीताराम गुप्ता ने बताया कि पुस्तकें ज्ञान को विस्तार देती है। ये नए संसार से परिचत कराती है। एपीआरआई के पूर्व निदेशक मुजीब अता आजाद ने कहा कि पुस्तकें जीवन को समझने में हमारी मदद करती है। हम अपने जीवन को कैसे बेहतर कर सकते हैं ये इसकी समझ पैदा करती है।
पुस्तकालय प्रभारी केशव गौतम ने बताया कि पुस्तक मेले के आयोजन का उद्देश्य शहरवासियों के बीच पढऩे की संस्कृति तथा साहित्यिक चर्चाओं को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में होने वाली चर्चाएं साहित्य के माध्यम से समाज में संवेदनशीलता तथा संवैधानिक मूल्यों को प्रसारित करने की भी पहल करेगी।
पुस्तक मेले में शहर के सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए विभिन्न प्रकार के आकर्षण शामिल किए गए हैं। व्यस्कों के लिए राजकमल, वाणी, तथा रेखता प्रकाशन की पुस्तकों के साथ ही बच्चों के लिए भी एकलव्य, एनबीटी, इकतारा जैसे प्रकाशनों की पुस्तकें उपलब्ध है। मेले के साथ हर दिन शाम को साहित्य तथा कला से संबंधित अलग-अलग कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है।
इनमें संगीत, साहित्यकारों से चर्चा, ओपन माइक, कविता वाचन, पोस्टर प्रदर्शनी तथा खेल आदि शामिल हैं। पुस्तक मेले के चारों दिन शिक्षकों के लिए एक सेमिनार का भी आयोजन किया जा रहा है।
इसमें जिले की अलग-अलग ब्लॉक से शिक्षक, संस्थाप्रधान तथा अधिकारी शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट अनुभवों एवं बेहतर प्रयासों को जिले के व्यापक शिक्षक समुदाय के साथ साझा करेंगे।