
जलालुद्दीन खान
टोंक. नगर परिषद में कुछ महीने पहले नियुक्त हुए कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं। ना ही ये पता लग रहा है कि ये कर्मचारी सफाई कहां कर रहे हैं और उनकी हाजिरी कहां हो रही है। ऐसे में नगर परिषद सभापति ने शहर में बिगड़ रही सफाई व्यवस्था का हवाला देते हुए कर्मचारियों की जानकारी आयुक्त से मांगी है।
इसके लिए सभापति ने आयुक्त को पत्र लिखा है। इसमें जानकारी मांगी गई है कि नगर परिषद में कुछ महीनों पहले 341 सफाई कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। सभापति ने जब शहर का निरीक्षण किया तो पता चला कि जितने कर्मचारियों को भर्ती किया गया तथा उनके मुकाबले कम ही कर्मचारी सफाई कार्य में जुटे हुए हैं।
ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ रही है। सभापति ने पत्र लिखा है कि सभी सफाई कर्मचारियों को कहां-कहां लगाया हुआ है एवं उनकी हाजिरी कहां की जा रही है। इन सभी कर्मचारियों की सूची नाम समेत हाजिरी रजिस्टर की प्रति के साथ उपलब्ध कराएं। ताकि पता चले कि वे कहां सफाई कर रहे हैं।
अभी हैं 461 कर्मचारी
नगर परिषद में पहले के 120 सफाई कर्मचारी थे। इसी साल नगर परिषद में 341 सफाई कर्मचारियों की भर्ती की थी। ऐसे में अब कुल 461 कर्मचारी है। ये कर्मचारी अलग-अलग शिफ्ट में सफाई कार्य में जुटे हुए हैं।
पहले तो किए थे दावे
शहर में यूं तो सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है। ये कर्मचारी जब नियुक्त हुए तो सभापति तथा अधिकारियों ने दावे भी किए थे कि अब सुधार हो चुका है, लेकिन अचानक विरोधाभास होना शहर के लोगों के लिए अचम्भे की बात भी हो रही है। हालांकि अब शहर के निरीक्षण में सभापति आरोप लगा रही है कि कर्मचारी शहर में सफाई नहीं कर रहे हैं।
सभी काम कर रहे हैं
नगर परिषद में नियुक्त हुए सभी सफाई कर्मचारी शहर में तय समय पर ही कार्यकर रहे हैं। सफाई के बाद उन्हें अन्य कार्यों के लिए लगा दिया जाता है। ऐसा नहीं है कि किसी भी कर्मचारी को अन्य जगह लगा दिया गया हो। पहले वे सफाई करते हैं। बाद में अन्य कार्य में लग जाते हैं।
पूजा मीणा, आयुक्त नगर परिषद, टोंक
कार्मिक नजर ही नहीं आ रहे हैं
शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा किया गया, लेकिन सफाई कर्मचारी नजर नहीं आए। ऐसे में आयुक्त से जानकारी ली गई है कि कर्मचारी कहां गए। उनकी हाजिरी कहां हो रही है।ताकि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार हो।
लक्ष्मीदेवी जैन, सभापति नगर परिषद, टोंक