दोनों ही दलों में टिकट के दावेदार विभिन्न मौकों पर शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं।
टोंक. आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस व भाजपा से टिकट की चाह रखने वाले नेता इन दिनों अपने-अपने समर्थकों की संख्या बढ़़ाने जी-जान से जुटे हुए हैं। ताकि वे टिकट वितरण के समय अधिक-से-अधिक समर्थकों के साथ अपनी दावेदारी जता सके।
इसके चलते कार्यकर्ता पार्टी के कम और अपने-अपने चहेते नेताओं के समर्थक अधिक होते हो जा रहे हैं। यही नहीं नेताओं में इन दिनों पोस्टर-बैनर, होर्डिंग का युद्ध छिड़ा हुआ है। इससे दोनों दलों में कार्यकर्ता विभिन्न खेमों में बंटे नजर आ रहे हैं।
टोंक विधानसभा क्षेत्र में कांंग्रेस-भाजपा से करीब एक दर्जन से अधिक लोग टिकट के दावेदार हैं, जो पार्टी की बैठकों में समर्थकों के साथ किसी-ना-किसी तरह से शक्ति प्रदर्शन करने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं।
भाजपा में जहां वर्तमान विधायक सहित आधा दर्जन से अधिक नेता पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे हैं। जबकि कांगे्रस में पूर्व विधायक सहित करीब आधा दर्जन टिकट के दावेदार इन दिनों पार्टी कार्यक्रमोंं में समर्थकों के साथ नजर आ रहे हैं।
निवाई में कांग्रेस से टिकट के तीन प्रमुख दावेदार उभर कर सामने आए हैं, जो अभी से समर्थकों के साथ पार्टी के विभिन्न बैठकों व अन्य कार्यक्रमों में शक्ति प्रदर्शन करने से नहीं चूक रहे हैं।
यही वजह है कि गत दिनों निवाई में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में हंगामें की नौबत आई। बाद में जिलाध्यक्ष व अन्य नेताओं के समझाने पर मामला शांत हुआ।
जबकि यहां भाजपा में भी वर्तमान विधायक के साथ-साथ करीब पांच कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी टिकट की दावेदारी की तैयारी में जुटे हुए हैं, जो आजकल कार्यकर्ताओं को किसी-ना-किसी तरह खुश करके अपने साथ लेने की कोशिश में लगे हुए हैं।
मालपुरा में कांग्रेस व भाजपा में आधा-आधा दर्जन नेता पार्टी से टिकट लेने की तैयारी में गांव-गांव की खाक छान रहे हैं, ताकि पूर्व में नाराज हुए समर्थकों को खुश किया जा सके तथा अन्य लोगों को भी अपने साथ ले सके।
दोनों ही दलों में टिकट के दावेदार विभिन्न मौकों पर शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं। कांग्रेस की गत दिनों बूथ सम्मेलन की तैयारी बैठक में टिकट के दावेदारों के शक्ति प्रदर्शन के चलते हाथापाई तक की नौबत आ गई थी।
देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में दोनों ही प्रमुख दलों में करीब एक दर्जन टिकट के दावेदार इन दिनों सक्रिय हैं, जो अपने समर्थकों के साथ पार्टी कार्यक्रमोंं में एक-दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश लगे हुए हैं। फिर चाहे भाजपा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जयपुर रैली में अधिक-से-अधिक कार्यकर्ता ले जाने की बात हो या फिर कांग्रेस में होने वाले बूथ स्तरीय जिला सम्मेलन कार्यकर्ता जुटाने मामला हो, वे किसी तरह से बड़े नेताओं के सामने स्वयं को प्रबल दावेदार जताने के प्रयास में लगे हुए हैं।