टोंक

कॉलोनाइजर सुविधाओं का दिखाते हैं सब्जबाग, बिना रूपान्तरण काटी दर्जनों कॉलोनियों

शहर में लागू मास्टर प्लान और भू-उपयोग योजना को धत्ता बताकर कॉलोनाइजर सुव्यवस्थित और सभी सुविधाओं का सब्जबाग दिखाकर लोगों को आवास के लिए भूखण्ड विक्रय कर रहे हैं। शहर में कट रही कॉलोनियों की जानकारी भी नगर परिषद को है, लेकिन कर्मचारी और अधिकारी इस ओर नजर घुमाए बैठे हैं।
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Apr 03, 2021
कॉलोनाइजर सुविधाओं का दिखाते हैं सब्जबाग, बिना रूपान्तरण काटी दर्जनों कॉलोनियों
कॉलोनाइजर सुविधाओं का दिखाते हैं सब्जबाग, बिना रूपान्तरण काटी दर्जनों कॉलोनियों

टोंक. शहर में लागू मास्टर प्लान और भू-उपयोग योजना को धत्ता बताकर कॉलोनाइजर सुव्यवस्थित और सभी सुविधाओं का सब्जबाग दिखाकर लोगों को आवास के लिए भूखण्ड विक्रय कर रहे हैं। शहर में कट रही कॉलोनियों की जानकारी भी नगर परिषद को है, लेकिन कर्मचारी और अधिकारी इस ओर नजर घुमाए बैठे हैं।

जबकि टोंक में मास्टर प्लान लागू हुए एक दशक गुजर गया है, लेकिन इस एक दशक में कटी दर्जनों कॉलोनियों में कभी सुविधाओं को नहीं देखा गया। साथ ही मास्टर प्लान और भू उपयोग योजना के तहत कॉलोनियों में सुविधा नहीं दी जा रही है। शहर में मास्टर प्लान और भू उपयोग योजना 2011 से 2031 तक है। वहीं इस दशक में शहर काफी क्षेत्रफल में बढ़ गया।

शहर से बाहर निकलकर चंदलाई, घास, सोहेला, पालड़ा, यूसुफपुरा चराई, मेहंदवास, सोनवा, बमोर तथा वजीरपुरा तक कॉलोनियां कट गई है। अभी भी कॉलोनियों के कटने का क्रम जारी है। इनमें से कई कॉलोनियों का तो नगर परिषद से नियमन भी करा लिया है, लेकिन जिस नियम के तहत नगर परिषद ने नियमन किया है, वो नियम धरातल पर मौजूद नहीं है।

ये होनी चाहिए सुविधा

मास्टर प्लॉन के तहत काटी गई कॉलोनियों में आवास, सार्वजनिक भवन, जनसुविधा केन्द्र, सडक़, मनोरंजन केन्द्र, पार्क, उद्योग, व्यवसाय, बाजार व स्कूल आदि के लिए जगह चिह्नित होनी चाहिए। जबकि जिले में एक भी कॉलोनी इस नियमों की पालना नहीं कर रही है। हालात ये हैं कि लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। जबकि नगर परिषद की ओर से जारी स्वीकृति में यह सभी सुविधाएं है।


.... फिर जिम्मेदारी नगर परिषद कीकॉलोनी को नगर परिषद से नियमन कराने के बाद लोगों को तरह-तरह की सुविधाएं बताकर भूखण्ड विक्रय कर दिए जाते हैं। लोग भूखण्ड ले कर आवास बना लेते हैं, लेकिन बाद वे सुविधा के लिए नगर परिषद के चक्कर लगाते हैं। इनमें पानी, बिजली, सडक़, सफाई, पार्क आदि शामिल है।

पार्क के भूखण्ड भी किए विक्रयनियमन के बाद कॉलोनी में पार्क के लिए भूखण्ड खाली छोड़ दिए गए हैं। शहर की कई कॉलोनियों में भूखण्ड छोड़ दिए और बाद में उन्हें विक्रय कर दिया। इस खाली भूखण्ड पर कई बार विवाद भी सामने आया है। जबकि जिस मकसद से कॉलोनी में जो भूखण्ड छोड़ा गया है उस पर वो ही निर्माण होना चाहिए, लेकिन टोंक शहर में ऐसा नहीं हो रहा है।

Published on:
03 Apr 2021 07:37 am