
राजमहल. जयपुर, अजमेर व टोंक की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बीसलपुर बांध के जलभराव क्षेत्र में राज्य सरकार व इंजीनियरों की ओर से वाष्पीकरण की रोक पर वर्षों से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से बांध से पेयजल की बराबर भाप बन कर उड़ रहा है। इससे जयपुर, अजमेर व टोंक जिलों में जलापूर्ति का संकट मंडराता है।
बांध परियोजना के अभियंताओं के अनुसार जलापूर्ति के लिए हर माह बांध से लिए जा रहे पानी के आंकड़ों को खंगाला जाए तो आधा पानी पेयजल में व आधा पानी वाष्पीकरण में खर्च होना सामने आता है। बीसलपुर बांध का गेज शनिवार सुबह छह बजे 311.20 आरएल मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 14.733 टीएमसी पानी का कुल भराव है। बीसलपुर बांध के लगभग 11000 हैक्टेयर में पानी भरा हुआ है, जो बांध से लगभग 5 से 6 किलोमीटर दूरी में फैला हुआ है।
एक जनवरी से 31 मार्च तक की स्थिति
बांध परियोजना के अभियंताओं के अनुसार गत एक जनवरी 2021 को बांध का गेज 312.32 आरएल मीटर दर्ज किया था, जिसमें 19.191 टीएमसी पानी का कुल भराव था। इसी प्रकार एक फरवरी को बांध का गेज 311.99 आरएल मीटर रह गया, जिसमें 17.624 टीएमसी पानी का भराव रह गया।
इस प्रकार बांध से एक माह के दौरान कुल 1.567 टीएमसी पानी चला गया। उक्त पानी के कुल खर्च में से जयपुर, जयपुर ग्रामीण, अजमेर जिला व टोंक सहित टोंक ग्रामीण पेयजल के दौरान पूरे माह में कुल 0.80 से 0.85 टीएमसी पानी लिया गया है। वहीं शेष 0.71 टीएमसी पानी वाष्पीकरण व अन्य खर्च में चला गया। जो लगभग जलापूर्ति के करीब का आंकड़ा है।
इसी प्रकार एक मार्च को बांध का गेज 311.67 आरएल मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 16.453 टीएमसी पानी का कुल भराव था। वहीं 31 मार्च को बांध का गेज 311.24 आरएल मीटर रह गया, जिसमें 14.879 टीएमसी पानी का भराव रह गया। यहां बांध से कुल 1.574 टीएमसी पानी कुल खर्च हुआ है, जिसमें पेयजल के दौरान 0.85 टीएमसी पानी लिया गया है। वहीं शेष 0.72 टीएमसी पानी वाष्पीकरण व अन्य खर्च रह गया है। ऐसे में हर महीने लगभग जलापूर्ति के बराबर पानी व्यर्थ जा रहा है।
यह जा रहा जलापूर्ति में
परियोजना व्रत जयपुर शहर के अधीक्षण अभियंता सुधांशु दीक्षित ने बताया कि जनवरी से अब तक जलापूर्ति में किसी प्रकार की कोई घटत बढ़त नहीं की गई है। गर्मी के मौसम में पानी की मांग के अनुसार घटाया बढ़ाया जाएगा। दीक्षित ने बताया कि अभी बांध से जयपुर शहर के लिए रोजाना लगभग 440 एमएलडी पानी अजमेर सहित जिले में लगभग 290 से 300 एमएलडी, जयपुर ग्रामीण में 95 से 105 एमएलडी, टोंक में 48 से 50 एमएलडी के बीच पानी लिया जा रहा है। जिसमें सभी को मिलाकर हर महीने बांध से लगभग 0.80 टीएमसी से 0.85 टीएमसी पानी लिया जा रहा है।