टोंक

खबर का असर: सुलभ कॉम्प्लेक्स के अभाव में खुले में शौच से मिलेगी मुक्ति, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल में रखवाया चल शौचालय

अस्पताल के बाहर प्रसूताओं व शिशुओं के साथ आए परिजन खुले में शौच कर रहे हैं।
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Updated: 26 Nov 2017, 4:37 PM IST
चल शौचालय
टोंक के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल परिसर में चल शौचालय को खड़ा कराते चिकित्सा व अन्य कर्मचारी।

टोंक. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल का सांसद सुखबीरसिंह जौनापुरिया, जिला कलक्टर सुबेसिंह यादव व सभापति लक्ष्मी जैन ने निरीक्षण किया। इस दौरान शौचालय की सुविधा का अभाव सामने आने पर अस्पताल परिसर में चल शौचालय की व्यवस्था कराई गई।

इससे पहले उन्होंने मरीजों समेत परिजनों की समस्याएं जानी। उल्लेखनीय है कि 16 करोड़ से अधिक की लागत से बनाए गए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल परिसर में सुलभ कॉम्प्लेक्स का अभाव है। ऐसे में अस्पताल के बाहर प्रसूताओं व शिशुओं के साथ आए परिजन खुले में शौच कर रहे हैं।

मरीजों व परिजनों को होने वाली परेशानी को देखते हुए राजस्थान पत्रिका ने 28 सितम्बर के अंक में ‘स्वच्छता का कोरा पीट रहे ढिंढोरा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। हरकत में आए जनप्रतिनिधियों व चिकित्साकर्मियों ने जिला कलक्टर को इस परेशानी से अवगत भी कराया था।

एक दिन पहले अस्पताल का जायजा लेने गए एसडीओ प्रभातीलाल जाट ने भी अस्पताल परिसर में शौचालय की व्यवस्था कराने को लेकर नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिए थे। इस पर शनिवार को नगरपरिषद की ओर से अस्पताल में चल शौचालय की व्यवस्था कर दी गई।

सड़ांध से मिलेगी निजात
अस्पताल परिसर में साथ आए परिजनों को खुले में शौच करना पड़ रहा था। सूरज निकलने से पहले अस्पताल के बाहर मुख्य सडक़ पर शौच करने वालों की कतार लगी रहती है। आबादी होने के बावजूद लोग शौच करने से बाज नहीं आ रहे थे।

कॉलोनी के लोगों को उठने के साथ गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा था। कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्ग डॉ. नन्दकिशोर सोनी, रामसिंह आदि का कहना है कि एक ओर शहर में स्वच्छ रखने की कवायद जारी है, वहीं अस्पताल व शहर की मुख्य सडक़ किनारे फैल रही गंदगी स्वच्छ भारत मिशन की पोल खोल रही है।

निरीक्षण के दौरान भाजपा जिला मंत्री बैणी प्रसाद जैन, दुर्गेश गुप्ता, नरेश बंसल, बीना छामुनियां, उपनियन्त्रक डॉक्टर खेमराज बंशीवाल सहित कई लोग मौजूद थे।

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