शहीद के परिजनों को सौंपे गए राष्ट्रीय ध्वज को परिजन राष्ट्रीय पर्व पर अपने निवास पर फहरा सकते हैं
राजमहल. कश्मीर के अनन्तनाग में अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के दौरान शहीद हुए सैनिक मिश्री लाल मीणा के पुत्र विजय सिंह को सीआरपीएफ की 96 बटालियन की ओर से शनिवार देर रात राष्ट्रीय ध्वज सौंपा गया। इसी प्रकार वीरांगना बच्ची देवी को सेना ने आर्थिक सहायता राशि के रूप में 50 हजार की राशि दी।
शहीद की पार्थिव देह को लेकर आए देवीखेड़ा निवासी सीआरपीएफ के एएसआई चरत राम मीणा ने बताया कि शहीद के परिजनों को सौंपे गए राष्ट्रीय ध्वज को परिजन राष्ट्रीय पर्व पर अपने निवास पर फहरा सकते हैं, लेकिन इसका सम्मान होना चाहिए।
चरत राम मीणा रविवार रात राजमहल में शहीद के निवास पर सांत्वना देकर वापस कश्मीर लौटेंगे। अन्य सैनिक शनिवार को ही सेना के हेलीकॉप्टर से लौट गए। चरत राम ने बताया कि शहीदों ने बुलेट प्रूफ जॉकिट पहन रखी थी।
एक हिस्सा शरीर के आगे व दूसरा पीठ पर होता है। आतंकियों ने अचानक हमला कर दिया। इससे जवान सम्भल नहीं पाए और अचानक चली गोलियां जॉकेट से हटकर शरीर पर लगने से जवान शहीद हो गए।
सांत्वना देने का लगा तांता
शहीद मिश्री लाल मीणा के घर रविवार को परिजनों को सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। पूर्व केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री नमोनारायण मीणा, कांग्रेस प्रदेश सचिव कुलदीप सिंह राजावत, डीआर रामचन्द्र गुर्जर, पूर्व जिला प्रमुख कल्ली देवी मीणा, रामकिशन चौधरी, चौथमल मीणा, नरेश मीणा, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रतन लाल हाडा आदि ने परिजनों को सांत्वना दी।
सब कुछ छोड़ परीक्षा में जुटी रही पुलिस
टोंक. राजस्थान पुलिस भर्ती परीक्षा जिले के 10 परीक्षा केन्द्रों पर रविवार को भी दो पारियों में शांतिपूर्ण हुई। दोनों पारियों में 5300-5300 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। इसमें पहली पारी में 4812 तथा दूसरी पारी में 4945 परीक्षार्थी शामिल हुए।
परीक्षा को लेकर अधिकतर पुलिसकर्मी तैनात रहे। ऐसे में थाने व चौकियां खाली सी रही। शहर में यातायातकर्मीभी चुनिंदा ही लगे रहे। इन दोनों दिनों में फरियादी भी थाने नहीं पहुंचे। इधर, शहर के महादेववाली स्थित एक परीक्षा केन्द्र में चल रही पहली पारी में एक परीक्षार्थी की तबीयत बिगड़ गई। पुलिसकर्मियों ने उसे सआदत अस्पताल में भर्ती कराया।