कस्बे के नलों मे एक सप्ताह से भी अधिक समय से पानी नहीं आने से जल संकट गहरा गया है।
आवां. गर्मी के प्रकोप के साथ ही क्षेत्र के जलस्रोत सूखते जा रहे हैं। छह हजार से अधिक आबादी की प्यास बुझाने के लिए जलदाय विभाग की ओर से संचालित तीनों ट्यूबवेल का जलस्तर गिरने से जलापूर्ति पूरी तरह लडखड़़ा गई है। कस्बे के नलों मे एक सप्ताह से भी अधिक समय से पानी नहीं आने से जल संकट गहरा गया है।
ग्रामीणो ने सोमवार शाम को पंचायत कार्यालय पहुंच कर समस्या समाधान व वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। सरपंच राधेश्याम चन्देल की विभाग के अभियन्ताओं से वार्ता के बाद टीम आवां पहुंची तथा तीनों ट्यूबवैलों में पाइप बढ़ाने की कार्रवाई को देर रात तक अन्जाम दिया।
कौशल जैन, किशन सिंह सोलंकी, बुधराज सिंह, फूलचन्द कुम्हार, दिनेश चतुर्वेदी आदि ग्रामीणों ने बताया कि आवां सहित कनवाड़ा, ख्वासपुरा, टोडा का गोठड़ा, सीतापुरा, राजकोट, चांदसिंहपुरा, टोकरावास, बड़ोली, चांदली, निवारिया आदि में पानी की कमी से हालात भयावह बनते जा रहे है।
ग्रामीण ही नहीं विद्यालय में पढऩे वाले मासूम भी दूर दराज तक भटक रहे हैं। आवां में 930 नल कनेक्शन, हैण्डपम्पों व कुछ निजी कुओं के माध्यम से अपना गला तर कर रहे हैं। अभी तो गर्मी की शुरुआत है। मई-जून की भीषण तस्वीर सामने हैं। इधर, विभाग के सहायक अभियन्ता प्रदीप तिवारी ने बताया कि सोमवार रात तीनों ट्यूबवैलों मे दो- दो पाइप बढ़ाए गए हैं। अन्य तकनीकी खामियां भी ठीक कर परीक्षण किया जा रहा है।
जलापूर्ति के समय खेंचू का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश
पलाई (उनियारा).गांव में भीषण गर्मी में पानी की समस्या को देखते हुए जलापूर्ति के समय मोटर या खेंचू का इस्तेमाल नहीं करने के लिए उपभोक्ताओं को पाबन्द किया गया है। ग्राम विकास अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार नायक व पम्पचालकों ने पशु चिकित्सालय हुकमपुरा वाली ट्यूबवैल से जारी पाइप लाइन में 42 नल कनेक्शनों के उपभोक्ताओं को मोटर से पानी खींचने के लिए मना किया।
उपभोक्ताओं को समझाया कि पानी को व्यर्थ न बहाएं ताकि प्रत्येक उपभोक्ता को समान रूप से पानी मिल सके तथा बकाया बिलों के समय पर भुगतान करने की चेतावनी दी। ग्राम विकास अधिकारी धर्मेन्द्र नायक ने बताया है कि अवैध नल कनेक्शन लेने एवं नलों से मोटर लगाकर पानी खींचने पर उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।