
राजमहल. कस्बे में निकटवर्ती तीन पंचायतों के बीमार पशुओं के उपचार के लिए बनाया गया राजकीय पशु चिकित्सालय प्रशासन की अनदेखी से खुद बीमार नजर आ रहा है। यहां मुख्य बाजार में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के पुराने भवन में पिछले 15 वर्षों से संचालित राजकीय पशु चिकित्सालय का भवन जर्जर है।
जहां दीवारों में कई दरारें पड़ चुकी है। बारिश के दौरान भवन की छत्त टपकती रहती है। वहीं सडक़ से बहते बरसाती नाले का पानी भवन में दो-दो फिट तक भर जाता है, जिससे भवन में रखे सामान तैरने लग जाते है।
पिछले एक सप्ताह तक जारी बारिश के चलते चिकित्सालय के कार्मिकों को भवन में पानी भरने के कारण दवाइयां व जरूरी दस्तावेज राजीव गांधी सेवा केन्द्र के भवन में रखने पड़े है। उल्लेखनीय है कि कस्बे के राजकीय पशु चिकित्सालय के अन्र्तगत राजमहल, गांवड़ी व देवीखेड़ा पंचायतों के पशु आते है।
तीनों पंचायतों के अनुरूप ही यहां पशु चिकित्सा विभाग की ओर से दवाईंयां आदि दी जाती है मगर यहां भवन के अभाव में कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पशु चिकित्सालय में दो छोटे-छोटे कमरे बने हुए है, जिसमें कागजातों, फर्नीचर के साथ ही दवाइयां रखना मुश्किल हो रहा है।
बारिश में टपकती छत के चलते जरूरी कागजातों पर लिखे अक्षरों की स्याही तक मिट जाती है। भवन में जगह-जगह गंदगी के अम्बार लगे हुए है, जिसमें आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। ग्रामीणों व चिकित्साकर्मियों की ओर से कई बार भवन की मांग भी गई।
भवन के अभाव में परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान कागजात व दवाइयां सेवा केन्द्र में रखनी पड़ती है, जिसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा रखा है।
डॉ. दीप्ति मीणा, चिकित्सक पशु चिकित्सालय राजमहल।
पंचायत की ओर से पशु चिकित्सालय के भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवा रखी है। भवन निर्माण निर्माण की व्यवस्था पशु चिकित्सा विभाग को अपने स्तर पर करनी है।
अमित दाधीच, सचिव ग्राम पंचायत राजमहल।