
दुर्गापुरा ढाणी स्थित परिजनों से मिलते विद्युत निगम के अधिकारी। फोटो- पत्रिका
टोंक। देवली क्षेत्र के रघुनाथपुरा गांवड़ी में 2 जून को हुए दर्दनाक विद्युत हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल धनराज बैरवा के प्रति संवेदनाओं और सहयोग का सिलसिला लगातार जारी है। विद्युत निगम के अधिकारियों ने धनराज के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस दौरान अधिकारियों ने अपने निजी स्तर पर एकत्रित किए गए 50 हजार रुपए पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान किए।
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विद्युत निगम के अधिशाषी अभियंता राकेश जोनवाल, सहायक अभियंता डीके जैन, कनिष्ठ अभियंता रवि जांगिड़ तथा स्मृति रानी धनराज बैरवा के दुर्गापुरा ढाणी स्थित निवास पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और वर्तमान परिस्थितियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निगम पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और नियमानुसार हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
दूसरी ओर विद्युत निगम की ओर से मामले की जांच भी जारी है। निगम स्तर पर नियुक्त जांच अधिकारी एवं अधिशाषी अभियंता आरडी मीणा ने घटनास्थल का दौरा कर विस्तृत मौका मुआयना किया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित लाइनमैन जयशेखर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अधीक्षण अभियंता जयपुर डिस्कॉम टोंक ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
गौरतलब है कि 2 जून को रघुनाथपुरा गांवड़ी में धनराज बैरवा बिजली पोल पर चढ़कर विद्युत लाइन से संबंधित कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति शुरू हो गई, जिससे वह करंट की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि धनराज बुरी तरह झुलस गया। उपचार के दौरान उसकी स्थिति को देखते हुए दोनों हाथ काटने पड़े। धनराज का उपचार जयपुर में चल रहा है।
स्थानीय लोगों ने उसकी मदद के लिए ऑनलाइन अभियान भी शुरू किया है, जिसके माध्यम से आर्थिक सहयोग जुटाया जा रहा है। इधर, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस की प्रदेश सचिव माया सुवालका ने भी जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल पहुंचकर धनराज बैरवा से मुलाकात की और उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। सुवालका ने राज्य सरकार से मांग की कि गंभीर रूप से घायल धनराज बैरवा को 51 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही परिवार के भविष्य को देखते हुए एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, ताकि परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से हो सके।
Updated on:
09 Jun 2026 05:08 pm
Published on:
09 Jun 2026 05:06 pm
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