
देवली पुलिस थाना फोटो। एआई
टोंक। देवली थाना पुलिस ने सात माह से फरार चल रहे एक अंतरराज्यीय गो-तस्कर को हरियाणा के नूंह जिले से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी आसिफ पुत्र इदरिश मेव निवासी हीरवाड़ी बमाठेली थाना फिरोजपुर झिरका जिला नूंह हरियाणा है। थानाधिकारी दौलतराम ने बताया कि गत वर्ष 10 नवम्बर को रात्रि गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि पनवाड़ मोड़ स्थित महावीर ढाबे के पास सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर में गोवंश भरे हुए है।
सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां कंटेनर में लगभग 15 गोवंश क्रूरतापूर्वक भरे मिले। पुलिस ने सभी गौवंश को बरामद कर लिया, लेकिन कंटेनर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के आदेशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मालपुरा पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी तथा डीएसपी देवली हेमराज मुण्ड के निर्देशन में थानाधिकारी दौलतराम गुर्जर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
टीम में सहायक उप निरीक्षक गोपालसिंह, हेड कांस्टेबल अब्दुल वहाब तथा कांस्टेबल इस्माईल और संजय शामिल थे। वाहन स्वामी सहबास अहमद निवासी घासौली, अलवर को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।
राजस्थान में गो तस्करी पर गोवंशीय पशु (वध का प्रतिषेध एवं अस्थायी प्रव्रजन या निर्यात का विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत दंडनीय अपराध है। गोवंश को वध के लिए ले जाना, गोमांस का परिवहन करना या बिक्री करने पर रोक है। साथ ही गोवंश को राज्य से बाहर वध के उद्देश्य से भेजना भी अवैध है।
इस कानून की धारा 8 के अनुसार, यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है या फिर उल्लंघन की कोशिश करता है या उसमें मदद करता है, तो ऐसे व्यक्ति को कम से कम 1 वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा हो सकती है। इसके साथ 10,000 रुपये तक के जुर्माने की सजा भी हो सकती है।
कानून में यह भी नियम है कि यदि किसी वाहन से गोवंश की तस्करी की जाती है, तो ड्राइवर या ट्रांसपोर्टर को भी अपराध में सहयोगी माना जा सकता है और उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रकार राजस्थान में गो तस्करी और गोवंश को वध के लिए ले जाने के मामलों में सख्त जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
Updated on:
10 Jun 2026 10:10 am
Published on:
10 Jun 2026 10:09 am
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