राज्य सरकार को मिनी सचिवालय निर्माण के लिए भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति मिली तो मिनी सचिवालय जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोंक में सदर थाने के पीछे रीको के समीप बनेगा। फिलहाल मिनी सचिवालय का प्रस्ताव पक्का बंधा शिवपुरी का है, लेकिन जिला प्रशासन इसमें बदलाव कर रहा है।
टोंक. राज्य सरकार को मिनी सचिवालय निर्माण के लिए भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति मिली तो मिनी सचिवालय जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोंक में सदर थाने के पीछे रीको के समीप बनेगा। फिलहाल मिनी सचिवालय का प्रस्ताव पक्का बंधा शिवपुरी का है, लेकिन जिला प्रशासन इसमें बदलाव कर रहा है।
read more : भरनी राजीव गांधी सेवा केन्द्र से लाखों की चोरी
तत्कालीन जिला कलक्टर आरसी ढेनवाल ने मिनी सचिवालय को शिवपुरी के स्थान से आंतरिया बालाजी रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र के समीप बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ये मिनी सचिवालय सभी सुविधाओं युक्त होगा।
मॉर्डन पेर्टन पर बनने वाले मिनी सचिवालय में कलक्ट्रेट समेत 38 विभाग शामिल होंगे। प्रस्ताव के मुताबिक मिनी सचिवालय तीन मंजिला बनेगा। इसमें विभागवार अलग-अलग भवन होंगे। पार्किंग समेत अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। हालांकि अंतिम प्रस्ताव तत्कालीन जिला कलक्टर आर. सी. ढेनवाल ने भेजा था। जिला कलक्टर के. के. शर्मा उक्त स्थान का सर्वे करेंगे। इसमें हाइमास्ट लाइट, स्ट्रीट लाइट तथा वाटर हार्वेस्टिंग का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
read more : टोंक में बजरी माफिया की दबंगई, जब्त डम्पर को चुरा ले गए माफिया
शिवपुरी का था पहले प्रस्ताव
जिला प्रशासन ने मिनी सचिवालय बनाने की तैयारी पहले पक्का बंधा स्थित शिवपुरी में की थी। बाद में इसे बदलाव कर नया प्रस्ताव आंतरिया बालाजी रोड पर औद्योगिक क्षेत्र के समीप वन विभाग की जमीन में किया है। वन विभाग को इस
जमीन के बदले शिवपुरी की जमीन देने का प्रस्ताव तैयार किया है।
यहां वन विभाग की 12.5 तथा 10 हैक्टेयर जमीन है। वन विभाग ने प्रस्ताव के तहत पेड़ समेत अन्य के लिए 197.45 करोड़ रुपए मांग रखी है। शहर में नहीं बची जगह: आबादी बढऩे के साथ ही शहर में सरकारी जमीन भी नहीं बच रही है। कलक्ट्रेट के सामने सडक़ पर लगातार यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। प्राचीन शहर होने के चलते इसकी बसावट काफी संकरी है।