बदलते मौसम के साथ ही मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां बढ़ रही है।
टोंक. बदलते मौसम के साथ ही मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां बढ़ रही है। जिले में डेंगू रोगियों की संख्या ही 220 के पार पहुंच गई है। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। साथ ही लोगों को बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को अलर्ट कर व्यवस्थाएं सुचारू करने व लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। जिले में फोगिंग भी शुरू करवा दी गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अशोक कुमार यादव ने बताया कि कि लोग कूलर, गमले, मटके आदि की नियमित रूप से सफाई करें। फ्रीज के पीछे की ट्रे में सबसे अधिक लार्वा पनपता है। जहां किसी का ध्यान नहीं जाता। ऐसे में फ्रीज की ट्रे नियमित रूप से साफ करें। डॉ. यादव बताया कि मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास करते हुए सतर्कता बरत रहा है।
विभाग ने आमजन को जागरूक करने और एंटीलार्वा गतिविधियां करने के लिए टीमें लगाई हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से जिले के घरों में सर्वे किया जा रहा है। शहर में फोगिंग भी शुरू करवा दी गई है। ग्रामीण क्षेत्र में एंटीलार्वा गतिविधियों व आमजन को जागरूक करने के लिए महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगातार फील्ड में जा रही है। इसके साथ ही ब्लाक सीएमएचओ को सतर्क रहने एवं फील्ड लेवल की गतिविधियां आयोजित करने के लिए पाबंद किया गया है।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महबूब खान ने बताया कि विभाग ने समस्त ब्लॉक सीएमएचओ को अपने ग्रामीण क्षेत्र में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पाबंद करते हुए किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी है। उन्होंने बताया कि ऐसी बीमारियों में बुखार, कंपकंपी, पसीना आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, जी मचलना और उल्टी आदि की शिकायत होती है।
ऐसा होने पर तुंरत चिकित्सक से संपर्क करे। वहीं घरों व आसपास गड्ढों, नालियों, बेकार पड़े खाली डिब्बों, पानी की टंकियों, गमलों, टायर-ट्यूब में पानी एकत्र नहीं होने दें। सप्ताह में एक बार पानी से भरी टंकियों, मटके, कूलर आदि खाली करके सुखा दें। सावधानी व सतर्कता से ही बीमारियों से बचा जा सकता है।
डॉ. यादव ने ब्लॉक के खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी अधिकारी को मॉॅनिटरिंग करने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से प्रतिदिन की गई गतिविधियों की रिपोर्ट जिला मुख्यालय पर भिजवाने के निर्देश दिए। ब्लॉकों में मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा सभी चिकित्सा संस्थानों की ओपीडी में रोगियों की स्क्रीनिंग व बुखार से पीडि़त रोगियों की रक्त स्लाइड लेकर जांच करवाई जा रही है।
अब तक 6 लाख से अधिक घरों का सर्वे
सीएमएचओ अशोक कुमार यादव ने बताया कि विभाग की ओर से मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार घरों का सर्वे भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से गत एक अप्रेल से अब तक 6 लाख 16 हजार 115 घरों का सर्वे किया गया।
इन घरों में 17 लाख 54 हजार 8 45 पानी के पात्रों की जांच की गई। वहीं 4 हजार 36 5 लार्वा जनित पाए गए पात्रों को उपचारित किया गया। 25 हजार 6 6 8 जगहों पर एमएलओ डलवाया गया है। 195 स्थानों पर फोगिंग की गतिविधि की गई है। सर्वे के दौरान जांच के लिए 22 हजार 172 रक्त स्लाइड ली गई है।
तालाबों में छोड़ी गम्बुसिया
उप मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी महबूब खान ने बताया कि जिले में जमकर हुई बरसात की वजह से विभाग की ओर से गांवों में एकत्र हुए बरसात के पानी के स्थानों को भी चिह्नित करवाया है। जिन गांवों में बरसात का पानी छह माह से अधिक समय के लिए एकत्र रहने की सम्भावना पाए जाने पर उन स्थानों पर गम्बुसिया मछलियां छोड़ी गई है। ताकि बरसात के पानी में लार्वा पैदा नहीं हो। विभाग की ओर से स्वस्थ्य कर्मियों के माध्यम से चिह्नित करवाए गए स्थानों के आस-पास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी नियमित किया जा रहा है।