
टोंक. सआदत अस्पताल का संक्रमित कचरा मरीजों को संक्रमण बांट रहा है। इससे बेहतर स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद बेमानी साबित हो रही है। स्थिति यह है कि सफाईकर्मियों द्वारा संक्रमित कचरा (बॉयोमेडिकल वेस्ट) एक स्थान पर एकत्र तो किया जाता है, लेकिन उसे उठाकर निर्धारित स्थान पर फिकवाने की व्यवस्था मॉनिटरिंग के अभाव में दम तोड़ रही है।
हालांकि संक्रमित कचरे को एकत्र करने के लिए कमरा बना हुआ है। इसके बावजूद सफाईकर्मी उसे जलाकर नष्ट कर रहे हैं। इससे मोर्चरी के सामने रहने वाले चिकित्साकर्मियों के परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्साकर्मियों का कहना है कि संक्रमित कचरा जलाने से उठने वाला धुएं से कई बार तो दम घुटने लगता है। इससे उन्हें दरवाजे व खिड़कियां बंद करनी पड़ती है। इसी प्रकार ट्रोमा वार्ड के पास भी संक्रमित कचरा जलाए जाने से मरीजों को गंदगी के बीच गुजरना पड़ रहा है।
निर्धारित हैं मापदण्ड
बायो मेडिकल वेस्ट (संक्रमित कचरा) निस्तारण व संग्रहण के लिए अलग-अलग पॉली बैग रखवाए गए हैं। इनमें चिकित्साकर्मी संक्रमित कचरे को एकत्र करते हैं। इसके बाद इसका निस्तारण किया जाना होता है।
दो दर्जन आवास
गत दिनों ही मोर्चरी के पास ही चिकित्साकर्मियों के लिए दो दर्जन आवास बनवाए गए हैं। इनमें रह रहे परिवाजनों का कहना है कि संक्रमित पदार्थ जलाए जाने से उनमें कई बीमारियां घर कर रही हैं। कई बार तो स्थिति यह हो जाती है कि परिवारजनों को सांस लेना ही दूभर हो जाता है। इसको लेकर कई बार शिकायत भी की, सुनवाई नहीं की गई।
मवेशी बिखेर रहे हैं
सआदत अस्पताल में मरीजों का भार अधिक होने से नियमों की धज्जियां उड़ रही है। नर्सेज की कमी के चलते पलंगों के नीचे ही अपशिष्ट पदार्थ डाल दिए जाते हैं। अस्पताल में संक्रमित कचरे का रिकॉर्ड संधारित नहीं है। चौकीदार व गार्ड के अभाव में पॉली बैग में पड़े कचरे को मवेशी खींचकर बिखेर देते हैं।
निर्धारित पॉली बैग से संक्रमित कचरे को अस्पताल परिसर के पीछे स्थित मोर्चरी के पास एक कक्ष में संग्रहण किया जाता है। सामान्य कचरे को यहीं जलाकर या दफन कर निस्तारण कराते हैं।
डॉ. ख्ेामराज बंशीवाल, उपनियंत्रक सआदत अस्पताल टोंक।