जयपुर, अजमेर और टोंक की लाइफलाइन बीसलपुर डेम छलकने के बाद ईसरदा डेम अब बनास नदी में छोड़े जा रहे बनास जल के वेलकम को तैयार है। बीसलपुर से निकासी हो रहा पानी चौबीस घंटे बाद यानि आज शाम तक ईसरदा डेम की चौखट पर दस्तक देने वाला है।
Isarda Dam Update: जयपुर, अजमेर और टोंक की लाइफलाइन बीसलपुर डेम छलकने के बाद ईसरदा डेम अब बनास नदी में छोड़े जा रहे बनास जल के वेलकम को तैयार है। बीसलपुर से निकासी हो रहा पानी चौबीस घंटे बाद यानि आज शाम तक ईसरदा डेम की चौखट पर दस्तक देने वाला है। बीसलपुर के डाउनस्ट्रीम से एक गेट खोलकर गुरूवार शाम 5 बजे से 6010 क्यूसेक प्रति सैकंड पानी बनास नदी में छोड़ा जा रहा है।
स्वीडन की तकनीक से तैयार राजस्थान का पहला 3.24 टीएमसी भराव क्षमता वाला हाइटेक ईसरदा बांध पहली बार भरने जा रहा है। बनास नदी पर बना यह बांध दो जिलों सवाई माधोपुर और टोंक की सीमा पर स्थित है। बांध का एक हिस्सा सवाई माधोपुर के ईसरदा गांव में और दूसरा टोंक जिले के बनेठा क्षेत्र में है। इस मानसून में बांध पहली बार भरने पर दौसा और सवाई माधोपुर जिले को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र लुहाड़िया ने बताया कि बीसलपुर बांध से छोड़े गए पानी का बहाव अभी बनास नदी में कम है। ईसरदा डेम बीसलपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर है और ईसरदा डेम में आज देर शाम तक बनास नदी से पानी की आवक शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि ईसरदा डेम के आसपास अब तक हुई बारिश से डेम में पानी की आंशिक आवक जरूर हुई है। बनास नदी में पानी का बहाव तेज होने पर ईसरदा डेम में पानी की आवक तेज हो सकती है।
ईसरदा डेम की पूर्ण जलभराव क्षमता 3.24 टीएमसी है और डेम पूरा भरने पर टोंक और सवाई माधोपुर और दौसा जिले को सालभर पेयजल आपूर्ति हो सकेगी। अब तक बीसलपुर बांध से जिलों को रोजाना जलापूर्ति हो रही है। ईसरदा से इन जिलों को पेयजल आपूर्ति मिलने पर बीसलपुर डेम पर दबाव कम हो सकेगा।