टोंक

दूदू – छाण स्टेट हाइवे पर टोल टैक्स ले रहे भरपूर, सुविधाएं कोसों दूर

दूदू-छाण स्टेट हाइवे पर मासी नदी के पास टोल प्लाजा संचालित है। यहां पर वाहन चालकों से पूरा टोल टैक्स वसूल किया जा रहा है। लेकिन टोल प्लाजा पर मूलभूत सुविधाओं का टोटा है।  
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Apr 06, 2024
दूदू - छाण स्टेट हाइवे पर टोल टैक्स ले रहे भरपूर, सुविधाएं कोसों दूर
दूदू - छाण स्टेट हाइवे पर टोल टैक्स ले रहे भरपूर, सुविधाएं कोसों दूर

कस्बे से गुजरने वाले दूदू-छाण स्टेट हाइवे पर मासी नदी के पास टोल प्लाजा संचालित है। यहां पर वाहन चालकों से पूरा टोल टैक्स वसूल किया जा रहा है। लेकिन टोल प्लाजा पर मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। वाहन चालक हेमराज चौधरी, मानङ्क्षसह, भंवर लाल बैरवा, धर्मराज ने बताया कि टोल प्लाजा पर न तो सुलभ शौचालय है और न ही एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध है।


वाहन चालकों तथा राहगीरों के लिए पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। अब गर्मी के मौसम में लोगों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान राज्य सडक़ विकास निगम (आरएसआरडीसी) ने करीब 102 किलोमीटर स्टेट हाइवे का निर्माण करवाया था। इस हाइवे पर कुल तीन टोल प्लाजा स्थित है।

इसमें पारली, मोर और करेड़ा गांव में टोल प्लाजा संचालित है। प्रतिदिन वाहन से लाखों रुपए की टोल राशि वसूल की जा रही है। इसके बावजूद कम्पनी की ओर से मूलभूत सुविधाओं में कौताही बरती जा रही है। जिसका खामयाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।

नाली और फुटपाथ पर टाइल्स का कार्य अधूरा

पचेवर में आबादी क्षेत्र में सीसी सडक़ बनाई गई थी। लेकिन इसके दोनों तरफ नालियों का निर्माण अधूरा पड़ा है। जबकि फुटपाथ पर टाइल्स नहीं लगाई है। इसके कारण आए दिन वाहन चालक गिरकर चोटिल होते है। हाइवे पर जगह-जगह से सीसी सडक़ उखड़ चुकी है। इसके कारण वाहन चालक परेशान है। बालिका विद्यालय के पास स्पीड ब्रेकर टूटने से नुकीली कीले बाहर निकल चुकी है।इससे आए दिन वाहनों के टायर फटने के साथ पंचर हो रहे है।

इन गांवों से गुजरता है स्टेट हाइवे

स्टेट हाइवे 37 ए दूदू से खुडियाला, मांगलवाडा, सेवा तथा टोंक जिले के पारली, पचेवर, गनवर, मालपुरा शहर, टोरडी सागर, मोर, कूकड़, रतवाई मोड़, टोडारायङ्क्षसह शहर, बासेडा, गणेती, खरेडा, मोरभाटियान होते हुए छान में हाइवे 12 से जुड़ता है।

क्षतिग्रस्त संकेतक बोर्ड की नहीं ली सुध
हाइवे पर पिछले तीन साल से क्षतिग्रस्त संकेतक बोर्ड की सुध नहीं ली गई। संकेतक बोर्ड के अभाव में वाहन चालक और राहगीर भ्रमित है। पूर्व में लगाए गए संकेतक समाजकंटक या तेज हवाओं से क्षतिग्रस्त हो गए। इनके अभाव में सडक़ दुर्घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। लेकिन आरएसआरडीसी की अनदेखी के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।

Published on:
06 Apr 2024 05:17 pm