
फर्जी हस्ताक्षर से पट्टा पंजीयन करवाने के आरोप में देवली गांव पंचायत के तत्कालीन सचिव समेत चार जनों के खिलाफ पूर्व सरपंच की ओर से मुकदमा दर्ज किया है। पूर्व सरपंच मंजू देवी ने जरिए न्यायालय वाद पेश किया था कि वह वर्ष 2015 से 2020 तक निर्वाचित सरपंच रही थी। पिछले वर्ष जनवरी 2023 में परिचित हंसराज सुखवानी निवासी पटेल नगर देवली एवं शिवचन्द्र गुर्जर व युसुफ लाली निवासी टोंक उसके पास आए।
जिन्होंने सीता देवी पत्नी रामधन से उसके प्लाट खरीदने का सौदा करने और इकरारनामा से साय पेटे रकम देना बताया। प्लांट का पट्टा सरपंच कार्यकाल में जारी होकर पंजीकृत होना बताया। सीता देवी के पक्ष में 10 जुलाई 2017 को जारी किए पट्टे दिखाने पर सामने आया कि उस पर फर्जी हस्ताक्षर है। जिसकी तत्कालीन सचिव से जानकारी ली तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
जिनकी प्रमाणिक प्रति लेने पर सामने आया कि धोखाधड़ी से फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। बाद में उपपंजीयक देवली के यहां फर्जी दस्तावेज पेश कर गुमराह करते पट्टा का पंजीयन करवा दिया। पीडि़ता का आरोप कि उसने अपने कार्यकाल में यह पट्टा जारी नहीं किया। तत्कालीन सचिव ने संबंधित लोगों से मिलीभगत की एवं उसके फर्जी हस्ताक्षर करके अवैध रूप से पट्टे जारी कर रखे हैं। थानाधिकारी भंवर लाल ने बताया की कोर्ट आदेश बाद यहां थाने में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
विकास अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज
इसी तरह राजबहादुर रैगर निवासी देवलीगांव ने तत्कालीन विकास अधिकारी पंचायत समिति देवली ममता चौधरी के खिलाफ जरिए कोर्ट इस्तगासा पेश कर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने व कार्यालय से कालने व पत्रावली देने से मना करने का आरोप लगाया। न्यायालय आदेश पर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच पुलिस उपाधीक्षक को दी गई है।