टोंक

वनस्थली विद्यापीठ में ‘प्रो. सुशीला व्यास स्मृति व्याख्यान में कार्पोरेट कल्चर में उद्योग जगत मेंं आचार नीति का बताया महत्व

वनस्थली विद्यापीठ में ‘प्रो. सुशीला व्यास स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया।  
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Updated: 21 Mar 2018, 6:36 PM IST
वनस्थली विद्यापीठ
निवाई. वनस्थली विद्यापीठ में ‘प्रो. सुशीला व्यास स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया।

निवाई. वनस्थली विद्यापीठ में ‘प्रो. सुशीला व्यास स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निदेशक रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया एवं पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी, महिन्द्रा एवं महिन्द्रा के भरत एन. दोशी रहे। मुख्य अतिथि दोशी ने ‘एथिक्स एण्ड वैल्यूज-कोर ऑफ कार्पोरेट क्लचर‘ विषय पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने प्रो. सुशीला व्यास को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने व्याख्यान में कहा कि कल्चर को परिभाषित करना अत्यंत कठिन है, क्योंकि आप जब लीडर की भूमिका में होते हंै । उस समय आप कैसे निर्णय लेते हैं, इससे आपके जीवन मूल्य व नैतिकता की पहचान होती है। उन्होंने वनस्थली विद्यापीठ के संस्थापकों को स्मरण करते हुए कहा कि मैं उनके विजन को सलाम करता हूं कि उन्होंने यहां पर जीवन मूल्य और नैतिकता को महत्व देते हुए पंचमुखी शिक्षा पद्धति की नींव रखी।

कार्पोरेट कल्चर पर उन्होंने कहा कि उद्योग जगत में आचार नीति का विशेष महत्व है। यह भारतीय कार्पोरेट कल्चर के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें नैतिकता, उचित और अनुचित में से चुनाव कैसे करें, इस पर विचार करना होगा। विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आदित्य शास्त्री ने आभार व्यक्त किया। दोशी का वनस्थली सेवादल के बैंड की सलामी के बाद छात्राओं ने स्वागत गान एवं सूत की माला पहनाकर अभिनंदन किया।

मुख्य अतिथि ने श्री शांताबाई शिक्षा कुटीर, गांधी घर, कला मंदिर का अवलोकन किया। वे वीरबाला मैदान में घुड़सवारी एवं मारूत मैदान में फ्लाइंग क्लब की गतिविधियों को देखकर गदगद हो गए। उन्होंने स्कूल ऑफ ऑटोमेशन, जमनालाल बजाज स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज, स्कूल ऑफ डिजाइन, महिन्द्रास् विजडम एवं स्कूल ऑफ डिजाइन का परिदर्शन कर छात्राओं एवं अध्यापकों से वार्ता की। उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय गायन, वादन एवं शास्त्रीय व राजस्थानी लोकनृत्य देखा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

तकनीकी शिक्षा की जानकारी दी
पीपलू. संस्कार पब्लिक स्कूल में मंगलवार को वेविटी प्रयोगशाला की ओर से इन एजुकेशन का डेमो दिया गया। संस्था निदेशक देवेंद्र चौधरी ने छात्र-छात्राओं का आधुनिक शिक्षा में तकनीकी शिक्षा का महत्व समझाते हुए बताया कि वर्तमान में डिजिटल शिक्षा का भविष्य है। इस माध्यम से छात्र-छात्राएं सिर्फ देख कर व सुनकर समझेंगे।

इस दौरान वेविटी प्रयोगशाला के चेयरमैन अमित खजूरिया ने तकनीकी के बारे में विस्तार से समझाया। इस दौरान सेंट जोसफ स्कूल टोंक से धीरेंद्र चौधरी, देव विद्या मंदिर डारडातुर्की से प्रधान गुर्जर, शिवपाल विजयवर्गीय आदि मौजूद थे।

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