
देवली. पंचायत समिति की साधारण सभा शुक्रवार को विधायक हरीश मीणा व प्रधान शकुंतला वर्मा की मौजूदगी में समिति के नए सभागार में हुई। लम्बी अवधि के बाद हुई साधारण सभा में जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान सभा में अधिकतर समय ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल का मुद्दा छाया रहा।
इससे पहले सरपंच संघ देवली व पंचायतराज परिषद की ओर से विधायक का माला व साफा बंधाकर स्वागत किया गया। गांवड़ी सरपंच गोरधन मीणा ने चार साल बाद भी बीसलपुर परियोजना का पानी नहीं मिलने की समस्या बताई।
सरपंच ने आरोप लगाया कि परियोजना के अधिशाषी अभियंता उनका फोन नहीं उठाते तथा हर बार बहाना करते है। निवारिया सरपंच कैलाश जैन ने पेयजल व क्षतिग्रस्त सडक़ों की समस्या रखी। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त पाइप लाइन दुरुस्त हो, ताकि आगामी गर्मी में ग्रामीणों को राहत मिले।
बीजवाड़ सरपंच अमित जैन ने बघेरा-बीजवाड़-मालेड़ा पेयजल योजना के अधूरे रहने का मुद्दा उठाया। सरपंच चौथमल ने पेयजल की व्यवस्था नहीं होने व ग्रामीणों में रोष होने का उल्लेख किया। गैरोली सरपंच ने प्वाइंट बने होने के बावजूद पानी नहीं मिलने की सदन में बात बताई। बंथली सरपंच ने रंग विलास में जल संकट बताया।
पोल्याड़ा सरपंच ने पानी नहीं मिलने, दूनी सरपंच ने सांसद-विधायक के आधार पर पानी का वितरण करने आरोप लगाया। जिला परिषद सदस्य कुलदीप सिंह राजावत ने अधिकारियों द्वारा फोन नहीं उठाने की बात कही।
सभा में बीसलपुर परियोजना के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि इस वर्ष बारिश की कमी रही है। परियोजना का 82 फीसदी काम पूरा चुका है। शेष काम आगामी 7-8 माह में पूरा हो जाएगा। इससे 464 गांवों को जलापूर्ति की जाएगी। फिलहाल गांवों व ढाणियों को जोडऩे में समय लगेगा।
अवैध बजरी बंद हो
सभा के बीच विधायक हरीश मीणा ने उपखण्ड अधिकारी व पुलिस उपाधीक्षक संजय शर्मा से बजरी के अवैध परिवहन पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बजरी के अवैध परिवहन से ग्रामीण क्षेत्रों की सडक़ें टूट रही है तथा आए दिन हो रहे हादसों में ग्रामीण घायल हो रहे हैं।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तालमेल बिठाकर बजरी के अवैध परिवहन पर रोक लगाएं। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में जनप्रतिनिधि व कर्मचारी एक-दूसरे के पूरक हैं। कर्मचारी काम पूरा होने की जनप्रतिनिधि को जानकारी दें। इससे मेलजोल बढकऱ आमजन के काम पूरे होंगे।
साथ ही उन्होंने पंचायत समिति की स्वीकृतियां जारी करने में भेदभाव खत्म करने की बात कही। वहीं कर्मचारियों को ईमानदारी से काम करने की नसीहत दी। इस दौरान बिजली के कनेक्शन, स्नेक , डॉग बाइट के इंजेक्शन राजकीय अस्पताल में नहीं होने का मुद्दा उठा।
इस पर बीसीएमएचओ लालाराम मीणा ने जवाब दिया। सदन में उपप्रधान रमेश भारद्वाज, तहसीलदार मानसिंह आमेरा, विकास अधिकारी सुनील मंगल, डीआर मीनाक्षी गौतम, सहायक अभियंता देवकिशन नागर आदि उपस्थित थे।