
रंगमंच को आगे बढ़ाने में लगे टोडारायसिंह के युवा कलाकार मोहित वैष्णव अब एशिया के सबसे बड़े नाट््य महोत्सव भारंगम (भारत रंग महोत्सव) में अपनी नाट्य प्रस्तुति -द डैथ ऑफ़ गैलीलियो- के मंचन में हिस्सा लेंगे। यह मंचन आगामी 13 फरवरी को डिबरूगढ़, आसाम में आयोजित होगा।
सम्पूर्ण टोंक जिले के लिए यह गर्व की बात है कि एशिया महादीप के सबसे बड़े नाट्य समारोह भारत रंग महोत्सव (भारंगम) में इस बार जिले के थिएटर समूह कम्युनिटी थिएटर टोंक का नाटक -द डेथ ऑफ गैलीलियों- का चयन हुआ हैं। इस नाट्य समारोह में राजस्थान से कम्यूनिटी थिएटर टोंक की नाट्य प्रस्तुति का चयन हुआ है। यह मंचन आगामी 13 फरवरी को डिबरूगढ़, आसाम में आयोजित होगा।
नाट्य प्रस्तुतियां देशभर में दी
रंगमंच, कला में रुचि रखने वाले टोडारायसिंह के कमला नेहरू कॉलोनी निवासी मोहित वैष्णव ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा सरस्वती विद्या मंदिर टोडारायसिंह में ली, इसके बाद टोंक के नीजि विद्यालय से उच्च शिक्षा 12 तक की पढ़ाई पूरी करी। इसी के साथ स्नातकोत्तर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से पूर्ण की।
वर्ष 2016 से कम्युनिटी थिएटर टोंक से जुड़े मोहित ने अपनी रंगमंच यात्रा में सैकड़ों नाट्य प्रस्तुतियां देशभर में दी। मोहित ने बताया कि मई 2016 में राजकुमार रजक के साथ एक अभिनेता के रूप में नाटक ठाकुर के कुएं से अपनी रंगयात्रा शुरू करते हुए कम्युनिटी थिएटर टोंक की ओर से नाटक निरंतर एकलव्य, डैडलॉक, उलझन, काबुलीवाला, ज्योति, आदि नाटकों के मंचन किए हैं।
अभिनेता एवं अभिनेत्रियां
नाटक में मंच पर गैलीलियो का मुख्य किरदार रामरतन गुगलिया, सूत्रधार एवं विजय के पात्र में आशीष धाप, योङ्क्षगदर और हिटलर का किरदार आफताब नूर, बलवीर एवं सन्यासी चितरंजन नामा, ध्यान और पादरी नीलेश तसेरा, विहान और एस्ट्रोनॉमर शुभम मेघवंशी, एंड्रिया, पॉप एवं जर्नलिस्ट का पात्र मोहित वैष्णव, अमन तसेरा ने ब्रूनो तथा रायना राहा रजक के द्वारा ब्रूनो की मां काकिरदार निभाया। इस नाटक का निर्देशन राजकुमार रजक द्वारा किया गया है।