टोंक

मर्ज विद्यालय शिक्षा में बन रहा बाधा, 138 विद्यार्थियों के लिए सिर्फ चार कमरे

शहर के बड़ा कुआं सब्जी मंडी स्थित राजकीय महात्मा गांधी सिटी नंबर 3 विद्यालय सिर्फ चार कमरों में चल रहा है। जिसमें दो स्कूल मर्ज है। कहने को तो विद्यालय कक्षा 12 वीं तक है। एक कमरा व एक हॉल ही बचा है। हॉल में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थी व कमरे में कक्षा 6 से 8 तक विद्यार्थी बैठते हैं।  

2 min read
Feb 15, 2024
मर्ज विद्यालय शिक्षा में बन रहा बाधा, 138 विद्यार्थियों के लिए सिर्फ चार कमरे

शहर के बड़ा कुआं सब्जी मंडी स्थित राजकीय महात्मा गांधी सिटी नंबर 3 विद्यालय सिर्फ चार कमरों में चल रहा है। जिसमें दो स्कूल मर्ज है। कहने को तो विद्यालय कक्षा 12 वीं तक है लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते व भवन छोटा होने से सिर्फ 8 वीं तक के विद्यार्थी ही दोनों स्कूलों में मौजूद है। फिलहाल दोनों स्कूल में मिलाकर 138 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जिनमें से भी बैठने की जगह नहीं होने पर अभिभावक उनको स्कूल भेजने से भी कतराते हैं।

सिटी नं 3 के विद्यार्थियों का कहना है कि पहले बैठने के लिए व्यवस्था कुछ ठीक थी । एक कमरे में दो कक्षाएं चलाई जा रही थी जिससे हमें परेशानी नहीं होती थी। लेकिन जब से राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय काली पलटन इसमें मर्ज हुआ है तो हमारे पास सिर्फ एक कमरा व एक हॉल ही बचा है। हॉल में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थी व कमरे में कक्षा 6 से 8 तक विद्यार्थी बैठते हैं।

मर्ज हुए राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय काली पलटन के विद्यार्थियों का कहना है कि हमारे पास सिर्फ एक कमरा व एक बरामदा है। वह भी बरसात होने पर दरिया बन जाता है। जब बरसात नहीं होती तो बाहर बरामदे व खुली छत के नीचे पढ़ लेते हैं। लेकिन जब बरसात दौर चलता है तो बठने के लिए कोई भी जगह नहीं होती। यहां तक अभिभावक भी ऐसे में बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं।

राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय काली पलटन क्षेत्र का एक मात्र ऐसा विद्यालय था जो कि पांच बत्ती से गुलजार, बाग, बड़े कुएं से रिलायंस पेट्रोल पम्प क्षेत्र तक के विद्यार्थियों की स्कूल की कमी पूरी करता था। इस क्षेत्र में गरीब तबके के लोग अधिक है जो कि अपने बच्चों को सिर्फ सरकारी स्कूलों में ही पढ़ा सकते हैं।

स्कूल में ग्राउण्ड नहीं: विद्यालय में ग्राउण्ड नहीं होने से विद्यार्थी ना तो खेल पाते है और ना ही कुछ मनोरंजन कर पाते हैं। ऐसे उनके शारीरिक विकास में भी कमी होती है। दो विद्यालयों के हिसाब से स्कूल में सिर्फ दो ही शौचालय है, जिनमें से एक शिक्षकों के लिए व एक विद्यार्थियों के लिए है।

ये बोले अभिभावक
कुम्हारों की चौकी स्थित रशीदुल्ला खां का कहना है कि बच्चा जब काली पलटन में स्कूल था तब से इसी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन अब वहां बैठने की भी व्यवस्था नहीं है और पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
नौशे मियां का पुल स्थित बीना महावर का कहना है कि मेरे बच्चे अलग-अलग कक्षाओं में है लेकिन बैठने की एक ही जगह है। उनका कहना है कि कक्षा में ध्यान लगाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है।
काली पलटन क्षेत्र की रूकसार का कहना है कि बच्चे पहले भी इसी स्कूल में पढ़ते थे अभी भी इसी में ही है। लेकिन तब में और अब में उनकी पढ़ाई काफी कमी हो गई है।
कोली मोहल्ले की रेखा महावर का कहना है कि बरसात के समय स्कूल में बैठने के लिए सूखी दरी भी नहीं होती है। सब कुछ भीग जाता है और बरसात होते समय तो सभी विद्यार्थी खुद को सुखा रखने की कोशिश करते हैं।

Published on:
15 Feb 2024 08:27 pm
Also Read
View All