टोंक

खुश खबर- चौथ का बरवाड़ा से नसीराबाद वाया टोंक रेल लाइन के लिए राजस्व स्तर पर मिली एनओसी, मार्च तक भूमि का परीक्षण का कार्य होगा पूरा

वर्ष 2015-16 के रेल बजट में टोंक को रेल से जोडऩे के लिए लाइन स्वीकृत की थी।
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Updated: 26 Nov 2017, 6:19 PM IST
 भूमि परीक्षण के लिए आई मशीनें
टोंक में भूमि परीक्षण के लिए आई मशीनें।

टोंक. जिले की सपनों की रेल को रेलवे की ओर से तो गति मिल रही है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से भूमि अवाप्ति के लिए अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। रेलवे नेे चौथ का बरवाड़ा से नसीराबाद वाया टोंक तक बिछाई जाने वाली लाइन का सर्वे पूरा कर लिया।

अब पिलर लगाने एवं भूमि के परीक्षण के लिए चार मशीनें एवं दर्जनों उपकरण टोंक भेजे हंै। जयपुर रेल मण्डल के सहायक अभियंता के. डी. स्वामी ने बताया कि टोंक व सवाईमाधोपुर जिले से राजस्व स्तर पर एनओसी मिल चुकी है।


अजमेर से अनुमति के प्रयास जारी हैं। सर्वे पूरा होने के बाद चौथ का बरवाड़ा से सुरेली की ओर से 20 किलोमीटर तक पिलर लगाए जा चुके हैं। फिलहाल खेतों में फसल होने से पिलर लगाने में दिक्कत आ रही है।

इसके अलावा चौथ का बरवाड़ा से नसीराबाद तक रेल मार्ग पर छोटे-बड़ी 450 पुलिया एवं ओवरब्रिज बनाए जाने हैं। ठेकेदार ने बताया कि मार्च तक सभी स्थानों से भूमि का परीक्षण पूरा कर रेलवे पटरी बिछाने सम्बन्धी प्रक्रिया पूरी कर लेगा।


उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015-16 के रेल बजट में टोंक को रेल से जोडऩे के लिए लाइन स्वीकृत की थी। ये लाइन अजमेर के नसीराबाद से टोंक जिले के कई गांवों व शहरों को जोड़ते हुए सवाईमाधोपुर के चौथ का बरवाड़ा तक जाएगी।

इस परियोजना की कुल लम्बाई 16 5 किलोमीटर है। इसके लिए अनुमानित 8 73.71 करोड़ रुपए खर्च होगा। इसकी स्वीकृति भी गत बजट में जारी की जा चुकी है।


भूमि अवाप्ति पर अटक रहा मामला
रेल संघर्ष समिति अध्यक्ष अकबर खान एवं लोगों की ओर से पिछले दिनों जिले के विधायकों, सांसद एवं मंत्रियों को टोंक में रेल के लिए भूमि अवाप्ति की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे गए। देवली में व्यापार महासंघ ने भी ज्ञापन सौंपे हंै।

जल्दी ही होगा काम
रेल के लिए पिलर लगने शुरू हो गए हैं। आगे भी काम जल्दी ही होगा।
सुखबीर सिंह, जौनापुरिया सांसद

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