टोंक.नोटबंदी के चलते गांवों के लोग बैंकों के बाहर घंटों कतार में लगने की अपेक्षा डीजल खरीदने में रूचि दिखा रहे हैं। पेट्रोल पम्पों पर पुराने नोट लेने की सीमा गुरुवार को समाप्त होने के चलते सैकड़ों लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियां में ड्रम व जरिकेन भरकर शहर आ गए।
टोंक.नोटबंदी के चलते गांवों के लोग बैंकों के बाहर घंटों कतार में लगने की अपेक्षा डीजल खरीदने में रूचि दिखा रहे हैं।
पेट्रोल पम्पों पर पुराने नोट लेने की सीमा गुरुवार को समाप्त होने के चलते सैकड़ों लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियां में ड्रम व जरिकेन भरकर शहर आ गए।
इससे पेट्रोल पम्प पर दिनभर रेलमपेल रही। अकतालिपुरा निवासी श्योदान, हरचंदेड़ा निवासी रामफूल आदि किसानों का कहना है कि रबी फसल में सिंचाई के दिन है।
ऐसे में इंजन चलाने के लिए आगामी दिनों में डीजल की आवश्यकता पड़ेगी। लोगों का कहना था कि शेष बचा डीजल वे आसपास के किसानों को बेच देंगे।
नोटबंदी के फैसले के बाद लोगों की जेब तो खाली है, जबकि वाहनों की टंकियां फुल है। रामलखन, श्योराज आदि का कहना है कि पुराने नोट चलाने के फेरे में आवश्यकता से अधिक डीजल व पेट्रोल भरा रहे हैं।
सवाईमाधोपुर चौराहा स्थित पेट्रोल पम्प के संचालक सुबोध गोगिया का भी कहना है कि अन्य दिनों के स्थान पर गुरुवार को डीजल व पेट्रोल की बिक्री डेढ़ गुना हुई।