टोंक

बड़ी खबर: सर्दी में भी पानी के लिए आएगा पसीना, बीसलपुर बांध से जलापूर्ति मेें दस प्रतिशत और कटौती की तैयारी

सर्दी के मौसम में पानी के कम उपयोग को लेकर दस प्रतिशत तक की और कटौती करने की सम्भावना है।  
2 min read
Oct 12, 2018
preparing-to-cut-10-percent-water-from-bisalpur-dam
राजमहल. बीसलपुर बांध में भरे पानी का विहंगम दृश्य।

राजमहल. इस वर्ष मानसून की बैरूखी के कारण बीसलपुर बांध में पानी की कमी के चलते जलापूर्ति को लेकर प्रशासन ने अब तक व्यर्थ खर्च होते पानी की रोकथाम के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया है।

पानी बचाने के लिए एक पखवाड़े पूर्व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव रजत मिश्रा ने बांध का दौरा कर अभियंताओं को बांध से व्यर्थ खर्च होते पानी को बचाने के लिए दिशा निर्देश दिए थे,

लेकिन लगभग एक पखवाड़ा गुजरने के बाद भी सिर्फ जयपुर व अजमेर सहित टोंक जिले में जलापूर्ति कम करने के अलावा अवैध सिंचाई व वाष्पीकरण आदि की रोकथाम के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए हैं।अगर यही स्थिति रही तो आगामी जून-जुलाई तक तीनों जिलों में पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

भूजल प्रवाह बरकरार
बीसलपुर बांध का गेज पिछले चार दिनों से 310.23 आरएल मीटर पर स्थिर बना हुआ है। बांध परियोजना के सहायक अभियंता मनीष बंसल के अनुसार ये पानी बनास नदी की बजरी में लगभग तीन फीट गहराई तक भूमि में पानी का प्रवाह के रहने से आवक हो रही है।


यह आवक त्रिवेणी से बांध तक भूमि में बनी हुई है, जो अभियंताओं के अनुसार अगले चार से पांच दिन तक ओर चलने की सम्भावना है। बंसल के अनुसार इस वर्ष मानसून सत्र के दौरान कुल 5.9 टीएमसी पानी की आवक दर्ज की गई। इसमें से अब तक 3.153 टीएमसी पानी जलापूर्ति व अन्य में वापस खर्च हो चुका है।


बीस घटाया, दस और घटाएंगे
बांध में पानी की कमी के कारण जयपुर, अजमेर, टोंक सहित मालपुरा-दूदू व झिराना-चाकसू की जलापूर्ति में अब तक बीस-बीस प्रतिशत तक कटौती कर दी गई है। वही सर्दी के मौसम में पानी के कम उपयोग को लेकर दस प्रतिशत तक की और कटौती करने की सम्भावना है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने अजमेर में पहले जहां 315 एमएलडी पानी दिया जाता था। वहां अब 260 एमएलडी रख दिया है। इसी प्रकार जयपुर में पहले 470 एमएलडी जाता था।वहां अब 360 कर दिया है।

मालपुरा-दूदू व झिराना चाकसू में पहले 50-50 एमएमडी जाता था, जिसे अब 36-36 एमएलडी कर दिया है। इसी प्रकार जिले में पहले 22 एमएलडी था। वहीं अब 18 एमएलडी दिया जा रहा है। वहीं सर्दी की शुरुआत होते ही इसी पानी में से दस प्रतिशत तक की और कटौती होने की सम्भावना है।.

अवैध सिंचाई रोकेंगे
बांध से वाष्पीकरण को रोकना काफी मुश्किल है, लेकिन अवैध सिंचाई पर जल्दी ही लगाम लगाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन से जाब्ता मांगने की तैयारी है। बांध में भरे पानी को गर्मी के मौसम तक पहुंचाने के लिए अभी दस प्रतिशत तक की और कटौती होने की सम्भावना है। ये कटौती सर्दी के मौसम में की जाएगी।
हरलाल, सहायक अभियंता, सूरजपुरा फिल्टर प्लांट, टोडारायसिंह।

Published on:
12 Oct 2018 07:28 am