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Rajasthan By-Poll: नरेश मीणा ने देवली-उनियारा से भरा नामांकन, कांग्रेस-BJP में मची खलबली; किसका होगा नुकसान?

Rajasthan By Election 2024: देवली-उनियारा विधानसभा सीट से युवा नेता नरेश मीणा ने निर्दलीय नामांकन भरा है। इससे पहले नरेश मीणा कांग्रेस से दावेदारी कर रहे थे।
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Updated: 25 Oct 2024, 3:09 PM IST
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Rajasthan By Election 2024: राजस्थान में 7 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए आज नामांकन की आखिरी तारीख है। सातों सीटों पर लगभग सभी उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल कर दिया है। इसी कड़ी में देवली-उनियारा से युवा नेता नरेश मीणा ने भी निर्दलीय नामांकन किया है। इससे पहले नरेश मीणा कांग्रेस से दावेदारी कर रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने से निराश होकर चुनाव लड़ने से मना कर दिया था।

दरअसल, राजस्थान विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन की आज लास्ट डेट है। प्रत्याशी 30 अक्टूबर तक नामांकन वापस ले सकते हैं। जबकि 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे, इसके बाद 23 नवंबर को रिजल्ट की घोषणा होगी।

कांग्रेस और बीजेपी में टेंशन

नरेश मीणा ने आज सुबह जयपुर में अपने समर्थकों की मीटिंग बुलाकर दुबारा से चुनाव लड़ने का एलान किया और फिर देवली-उनियारा से पर्चा दाखिल किया। इसके बाद कांग्रेस और बीजेपी में टेंशन बढ़ गई है। बता दें कि नरेश मीणा को देवली उनियारा से कांग्रेस का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। इसलिए कहा जा रहा है कि नरेश मीणा देवली-उनियारा में कांग्रेस का ज्यादा नुकसान कर सकते हैं।

माना जा रहा है कि अगर नरेश मीणा ने नामांकन वापस नहीं लिया तो वो कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ सकते हैं, क्योंकि उनके सामने भी कांग्रेस से मीणा ही उम्मीदवार हैं। ऐसे में मीणा वोटर्स में सेंधमारी का खतरा बढ़ सकता है। देवली-उनियारा से कांग्रेस ने कस्तूर चंद मीणा को टिकट दिया है, वहीं बीजेपी ने राजेन्द्र गुर्जर को टिकट दिया है।

मालूम हो कि गुरूवार को नरेश मीणा कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर भावुक हो गए थे और फूट-फूट कर रोते हुए कहा था कि अब मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। लेकिन एक दिन बाद ही यू-टर्न लेते हुए चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

7 सीटों पर हो रहे उपचुनाव

गौरतलब है कि 13 नवंबर को राजस्थान की 7 सीटों पर उपचुनाव होने जा रहा है। प्रदेश की रामगढ़ (अलवर), दौसा, झुंझुनूं और देवली-उनियारा, खींवसर, चौरासी और सलूंबर सीटों पर उपचुनाव होने जा रहा है। 2023 के विधानसभा चुनाव के परिणामों में इनमें से भाजपा के पास केवल 1 सीट थी, वहीं कांग्रेस के पास 4 सीटें थी। इसके अलावा एक सीट बाप और एक सीट RLP के पास थी।