Tonk State Highway : टोंक के स्टेट हाईवे से अब अतिक्रमण हटेगा। प्रशासन ने अतिक्रमण करने वालों को चिन्हित कर सूची बनाने की तैयारी कर ली है। साथ ही चेताया है कि नहीं हटाया तो जेसीबी चलेगी।
Tonk State Highway : टोंक जिले में स्टेट हाईवे पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमणों पर अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) खंड टोंक ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना में सड़कों की सीमा तय करने और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। अभियान के तहत सड़क के मध्य से दोनों ओर 40 मीटर तक किए गए सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे। विभाग की ओर से जारी आदेशों में गहलोद-पीपलू-फागी मार्ग (121), सोनवा-अरणियामल मार्ग (34), खरेड़ा-मोर-भाटिया मार्ग (37) तथा हमीरपुर से लाब्बाकला मार्ग (116) को शामिल किया गया है। तकनीकी सहायक अभियंता, टोंक ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
प्रशासन भी इस मामले में पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। पीपलू और टोंक के उपखंड अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तहसीलदारों को पहले अतिक्रमण चिन्हित कर सूची तैयार करने को कहा गया है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इन मार्गों पर लंबे समय से दुकानों, ठेलों और अन्य निर्माणों के रूप में अतिक्रमण किया जा रहा था। इससे सड़कें संकरी हो गई थीं और आमजन को यातायात में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ती जा रही थी।
पीपलू कस्बे में अतिक्रमण की स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। विशेष रूप से पीपलू बस स्टैंड से घाणा चौराहे तक रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। वाहन चालकों को घंटों तक जाम में फंसना पड़ता है, जबकि स्कूल समय और बाजार के व्यस्त घंटों में हालात और भी खराब हो जाते हैं।स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन का यह अभियान प्रभावी ढंग से लागू हुआ तो लंबे समय से चली आ रही जाम और अव्यवस्था की समस्या से राहत मिल सकेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चिन्हित अतिक्रमणकारियों को पहले स्वयं कब्जे हटाने का अवसर दिया जाएगा। निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जेसीबी मशीनों की सहायता से कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित लोगों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।अभियान की खबर के बाद क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।