टोंक

नही हो सका घंटाघर पर राम बारात का स्वागत, आचार संहिता का हवाला दे प्रशासन ने स्वागत के लिए बनाया मंच हटाया, लोगों ने जताई नाराजगी

लोगों ने नााजगी जता कहा कि मंच को आचार संहिता का उल्लंघन बताकर हटाना धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना है।  
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Oct 15, 2018
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आचार संहिता का हवाला दे रामबारात का स्वागत मंच हटाया

टोंक. नगर परिषद की ओर से गांधी पार्क के रामलीला के रंगमंच पर चल रही रामलीला के तहत रामबारात का आयोजन रविवार को हुआ।

इसमें शहर के लोग उमड़े। मंशापूर्ण भूतेश्वर महादेव मंदिर से हाथी, घोड़ा, ऊंट, काछी घोड़ी नृत्य, कालबेलिया नृत्य, आतिशबाजी, डेकोरेशन तथा बैंडबाजों की धुनों के साथ रामबारात रवाना हुई, जो मुख्य बाजार होते हुए घंटाघर पहुंची। इससे पहले ही जिला निर्वाचन विभाग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताकर मंच को हटवा दिया।

इस पर राजा जनक की ओर से रामबारात का स्वागत किया जाना था। इधर, देर रात तक रामबारात शहर में निकली। नगर परिषद आयुक्त पूजा मीणा ने बताया कि मंच बनाया गया था। इस पर स्वागत किया जाना था, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश पर इसे हटा दिया गया।

इसके बाद शहर की धार्मिक संस्थाओं के लोगों में नाराजगी हो गई। लोग रामबारात से पहले ही घंटाघर पर जमा हो गए। उन्होंने मंच हटाने का विरोध किया। उन्होंने बताया कि मंच धार्मिक कार्यक्रम के लिए बनाया गया था।

इसमें प्रकार की कोई राजनीतिक गतिविधि नहीं थी। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से मंच को आचार संहिता का उल्लंघन बताकर हटाना धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना है।

इधर, भूतेश्वर महादेव मंदिर से रवाना हुई रामबारात का विभिन्न समाज के लोगों की ओर से बाजार में अलग-अलग स्थानों पर पुष्प वर्षा, जलपान व स्वागत द्वार आदि लगा कर बारात का स्वागत किया।

कन्यादान की होड़ मची

देवली. शहर के एजेंसी एरिया में चल रही रामलीला के तहत सीता स्वयंवर आयोजित हुआ। इस दौरान रामलीला में भगवान राम द्वारा धनुष उठाने, सीता द्वारा श्रीराम का माल्यार्पण का मंचन किया गया। इस दरम्यान सीता स्वयंवर में श्रद्धालु उमड़ पड़े। महिलाओं में कन्यादान की होड़ मच गई। श्रद्धालु धर्मचंद जैन की ओर से कन्यादान किया गया।

सीता स्वयंवर का किया मंचन
टोडारायसिंह. तेजाजी चौक में आयोजित नो दिवसीय रामलीला कार्यक्रम में कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया। रामायणजी की पूजा अर्चना के बाद मंचन कार्यक्रम शुरू हुआ।

नागौर से आए शिवकृपा रामलीला मण्डल के कलाकारों ने दशरथ के चारों पुत्र के शिक्षा ग्रहण, यज्ञादि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से विश्वामित्र के साथ वन गमन, ताडक़ा वध, राम-लक्ष्मण के सीता स्वयंवर को लेकर जनकपुरी प्रवेश आदि का मंचन किया गया।

Published on:
15 Oct 2018 10:30 am