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टोंक हिंसा पर पहली बार बोले सचिन पायलट, मामले को लेकर सरकार के रवैये पर उठाए सवाल; जानें क्या कहा

SDM Slap Case Samrawata: टोंक जिले में हुई हिंसा पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया दी है। पायलट ने पूरे मामले में राजस्थान सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

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Nov 15, 2024
Sachin Pilot Reaction on Tonk violence

टोंक जिले में हुई हिंसा पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूरे मामले पर सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं। पायलट ने कहा कि मतदान के दौरान हुई घटनाओं के बाद सरकार का रवैया दिखाता है कि सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। सरकार के पास ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए पहले से कोई योजना नहीं थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस तरह से नागरिकों पर आक्रमण किया है। जिस तरह से पुलिस ने गांव में घुसकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ बर्बरता की, उससे सरकार का चेहरा पता चलता है।

ग्रामीणों को हुए नुकसान का मुआवजा दे सरकार

पायलट ने राजस्थान सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अगर सरकार का नियंत्रण नहीं है, कानून व्यवस्था बनाए रखने में आपकी रुचि नहीं है तो इसका खामियाजा जनता क्यों भुगते। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना के दौरान जिन नागरिकों के निजी संपत्तियों की क्षति हुई है, सरकार को उन्हें मुआवजा देना चाहिए। मतदान के बाद हुई हिंसा को लेकर पायलट ने कहा कि हिंसा को किसी भी एंगल से जायज नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन जिस तरह से सरकार सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर नागरिकों पर आक्रमण किया, उसे कौन जायज ठहरा सकता है?

जानें पूरा मामला

दरअसल, उपचुनाव में वोटिंग के दिन यानी 13 नवंबर को देवली-उनियारा के निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीना ने गुस्से में आकर समरावता गांव के एक बूथ पर एसडीएम को थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। नरेश मीना समरावता गांव में धरने पर बैठ गए। देर शाम पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने धरना स्थल पर पहुंची। नरेश मीना को हिरासत में लेने के बाद समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जो देर रात तक जारी रही। इस दौरान समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वाहनों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर पथराव की घटनाएं भी सामने आई।

Updated on:
15 Nov 2024 04:11 pm
Published on:
15 Nov 2024 03:54 pm
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