टोंक

विद्यालय एक किलोमीटर दूर: व्यवस्था की भेंट चढ़ी शिक्षा, 56 लाडों के भविष्य पर संकट

राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय गुलजार बाग को शिक्षा विभाग अंगे्रजी माध्यम के लिए चयन किया है।
2 min read
Jun 19, 2019
Many questions with the future of girls
टोंक स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय गुलजारबाग।

टोंक. जिला मुख्यालय पर रियासतकालीन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय गुलजार बाग को शिक्षा विभाग अंगे्रजी माध्यम के लिए चयन किया है।

इसके तहत कक्षा एक से आठ तक अंग्रेजी माध्यम के लिए प्रवेश दिए जाएंगे। वहीं इस निर्णय से विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं में प्रवेश करने वाली बालिकाओं के भविष्य के साथ कई सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी अनुसार राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय गुलजार बाग विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक 56 छात्राएं है। कक्षा नौ से बारह में 167 छात्राएं अध्ययनरत है। जारी निर्देशों के अनुसार अब उक्त 56 छात्राओं को अंग्रेजी माध्यम के लिए प्रवेश लेना होगा या फिर टीसी कटवा कर अन्य स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।


जबकि इन स्कूल में गुलजार बाग क्षेत्र की बालिकाएं अध्ययन कर रही है। वहीं इस स्कूल से टीसी कटवाने के बाद छात्राओं के पास काली पलटन या बग्गीखाना के स्कूल में जाने की मजबूरी हो जाएगी, जबकि यह दोनों स्कूल काफी दूरी पर है।

इस विद्यालय में ज्यादातर मुस्लिम समाज की छात्राएं है। गुलजार बाग स्कूल में नए कक्षा-कक्षों सहित 25 से अधिक कमरे है। ऐसे में विभाग चाहे तो दोनों माध्यम के स्कूल भी इसी परिसर में संचालित हो सकते है।

उक्त विद्यालय को 1966 उच्च माध्यमिक का दर्जा मिल गया था। आजादी से पहले इसमें मदरसा संचालित किसा जाता था।


अध्यापिकाएं बोली-हमारा क्या कसूरइधर
कृष्णा चौधरी ने बताया कि विगत वर्षों में विद्यालय की छात्राओं ने शैक्षणिक ,सहशैक्षिक और अन्य प्रतियोगिताओं में कीर्तिमान स्थापित किया है, इस वर्ष भी 20 से अधिक बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार मिलेगा।


विभागीय निर्देशानुसार कक्षा 1 से 8 तक अग्रेंजी माध्यम के विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं अध्यापिकाओं का कहना है कि उन्होंने मन लगा कर पढ़ाई करवाई है।

अब उन्हें भी स्थानांतरण का दंश झेलना पड़ेगा। विभाग की ओर से इस तरह के विद्यालयों में प्रधानाचार्य सहित अन्य कार्मिकों के पदस्थापन के लिए वाक इन इन्टरव्यू 20 जून से ही शुरू हो रहे हैं।

Published on:
19 Jun 2019 11:42 am