
निवाई. पंचायत समिति में प्रधान चन्द्रकला गुर्जर की अध्यक्षता में साधारण सभा की बैठक में पानी, सडक़ व बिजली सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रधान गुर्जर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होना चाहिए।
उपखण्ड अधिकारी हरिताभ आदित्य ने कहा कि ग्राम पंचायतों के प्रत्येक घर में शौचालय के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हो। बैठक में उपप्रधान शंकरलाल शर्मा ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों की चरागाह भूमि एवं खेल मैदानों में हो रहे अतिक्रमणों को शीघ्र बेदखल करें।
सरपंच श्योजीराम जाट ने बताया कि आधा दर्जन से अधिक गांवों में बीसलपुर पेयजल आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। सरपंच रमेश यादव ने बताया कि कनेसर से विजयपुरा सडक़ को ठेकेदारों द्वारा अधूरी बनाई है, जिसको पूर्ण करवाई जाए।
सरपंच कमलेश चावला ने बताया कि राहोली से गुन्सी तक सडक़ पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। राउमा विद्यालय में अपूर्ण कमरों का शीघ्र निर्माण करवाए। सरपंच हेमलता बैरवा ने बताया कि कैरोद गांव से कचोलिया सडक़ पूर्णरूप से क्षतिग्रस्त है, जिस पर शीघ्र डामरीकरण करवाया जाए।
सरपंच सीताराम मीणा ने बताया कि सुनारा में पीएससी एवं राउमा विद्यालय को बीसलपुर पेयजल योजना से शीघ्र जोड़ जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि सुनारा एवं सुनारी की सडक़ें क्षतिग्रस्त हो गई है।
बैठक में तहसीलदार गजेन्द्र गोयल, सरपंच बद्रीनारायण चौधरी, रमेश गुर्जर, पंचायत समिति सदस्य तेजभंवरसिंह, रमेश यादव, सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अशोककुमार मीणा, सहायक अभियन्ता रामगोपाल सेवलिया, आयुर्वेद अधिकारी रविन्द्र शर्मा, विद्युत निगम सहायक अभियंता ब्रजराज मीणा, नन्दकिशोर खिंची, नितिन जैन, नन्दकिशोर मीणा, पंचायत प्रसार अधिकारी बीरबल मीणा धनश्याम मीणा एवं रमेश मीणा सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
आमुखीकरण कार्यशाला हुई
टोडारायसिंह. कूकड़ में आपणी योजना आपणो विकास के तहत ग्राम पंचायत विकास योजना सुदृढ़ीकरण को लेकर ग्राम पंचायत समन्वय समिति जीपीसीसी का कलस्टर स्तरीय आमुखीकरण कार्यशाला हुई। इसमें कूकड़, मेहरू, मोर, रीण्डल्यारामपुरा व लक्ष्मीपुरा धाकड़ान ग्राम पंचायत के समन्वय समिति सदस्यों ने हिस्सा लिया।
दक्ष प्रशिक्षक महावीर सैनी, गोपालस्वरुप मिश्रा ने 31 मार्च 2017 से पहले की वार्षिक कार्य योजना तैयार करने की जानकारी दी। उन्होंने महिला सभा वार्ड सभा के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरण विकास के 17 लक्ष्यों, अच्छा स्वास्थ्य एवं कल्याण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समतुल्यता, असमानता की कमी, शान्ति, न्याय एवं सशक्त संस्था, लक्ष्यों के लिए साझेदारी एवं भागीदारी, गरीबी का अंत, भुखमरी का अंत, संवर्धन उर्जा, सम्मानजनक काम के मुद्दों की जानकारी दी।