टोंक

ध्वजारोहण के साथ श्रीबद्री विशाल का तीन दिवसीय अक्षय तृतीया मेला शुरू

तीन दिवसीय वार्षिक मेले की शुरुआत मंगलवार सुबह कनक दण्डवत यात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ हुई।  

2 min read
Apr 18, 2018
नटवाड़ा. गांव स्थित श्रीबद्री विशाल मन्दिर में अक्षय तृतीया के अवसर पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय वार्षिक मेले की शुरुआत मंगलवार सुबह कनक दण्डवत यात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ हुई।

नटवाड़ा. गांव स्थित श्रीबद्री विशाल मन्दिर में अक्षय तृतीया के अवसर पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय वार्षिक मेले की शुरुआत मंगलवार सुबह कनक दण्डवत यात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ हुई। इस अवसर पर नव संवत्सर का शगुन देखने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े।

मन्दिर के महन्त तेज भारती ने बताया कि सुबह नटवाड़ा ठिकाने के गढ़ में पुण्य प्रताप राठौड़ के सान्निध्य में मंत्रोच्चारण के सात अनाज एवं ध्वजा का पूजन करने के बाद बैण्ड बाजे एवं झालर, शंख, नगारो की मधुर ध्वनि के श्री बद्री विशाल भगवान के जयकारों के साथ शोभा यात्रा निकाली गई।

मन्दिर में महन्त तेजभारती ने ध्वजा को भगवान के चरणों में अर्पित कर पूजा-अर्चना कर मन्दिर के शिखर पर ध्वजा फहराई गई एवं इसके बाद मन्दिर के शिखर पर बैठने वाले पक्षी का शगुन देखा गया। इस अवसर पर मदन लाल पारीक, पंचायत समिति सदस्य तेज भेवर सिंह राठौड़, सरपंच पिन्टू बैरवा, राजाराम जाट, लादू लाल जाट, राजेन्द्र विजय, केदार नारायण शर्मा, हरिनारायण जाट, नारायण लाल शर्मा, चतुर्भुज बोकण, शिवजी लाल जाट, देवलाल बोकण, धोलू लाल कटारिया, शिवराज सिंह सोलंकी, रामदेव प्रजापत, मुकेश झालीवाल, रामजी लाल जाट, देवराज गुर्जर, सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओ ने अक्षय तृतीया महोत्सव में व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।

महंत ने ध्वजा फहराई

नटवाड़ा में श्री बद्री विशाल भगवान के मन्दिर में अक्षय तृतीया के अवसर पर ध्वजा फ हराने के बाद मन्दिर के शिखर पर बैठने वाले प्रथम पक्षी के बैठने के आधार पर नव संवत्सर का शगुन देखा जाता हैं, लेकिन ध्वजा फ हराने के बाद शिखर पर पक्षी नहीं बैठने पर श्रद्धालुओं ने कहा कि इस बार सामान्य रहेगा। गौरतलब हैं कि शिखर पर बैठने वाले पक्षी में तोता सुकाल का प्रतीक हैं, वही कौआ अकाल का प्रतीक हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पक्षी का नहीं बैठना ना अकाल और ना ही सुकाल का प्रतीक होता हैं ।

भागवत कथा
निवाई. झिलाय स्थित सरपंच की ढाणी बड़ा कुआं पर बुधवार से सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन होगा। एडवोकेट बनवारीलाल यादव ने बताया कि भागवत कथा की शुरुआत कलश यात्रा के साथ होगी। उन्होंने बताया कि कथा वाचक महन्त हेमन्तदास चिराणाधाम झुंन्झुनूं के सान्निध्य में भागवत कथा का आयोजन होगा।

ये भी पढ़ें

अक्षय तृतीया आज : शहनाई की गूंज के साथ सात फेरों के बंधन में बंधेंगे कई जोड़े, बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट
Published on:
18 Apr 2018 09:56 am
Also Read
View All