गत सरकार ने पीपलू में वर्ष 2019 में राजकीय कन्या महाविद्यालय खोला लेकिन चार साल बीतने के बाद भी वर्तमान में यहां के हालात पांचवी की स्कूल जैसे बने हुए हैं।
उपखंड क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूरस्थ स्थानों पर नहीं जाना पड़े। इस उद्देश्य से गत सरकार ने पीपलू में वर्ष 2019 में राजकीय कन्या महाविद्यालय खोला लेकिन चार साल बीतने के बाद भी वर्तमान में यहां के हालात पांचवी की स्कूल जैसे बने हुए हैं। ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि महाविद्यालय में कुल 22 पद स्वीकृत है। इनमें से 12 पद रिक्त तथा 4 कार्मिक डेपुटेशन पर लगे हुए हैं।
भूगोल, राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याताओं के डेपुटेशन पर होने तथा अंग्रेजी, गृहविज्ञान के व्याख्याताओं के पद रिक्त होने से छात्राओं को प्राइवेट (स्वयंपाठी) की तर्ज पर ही पढऩा पड़ रहा है। महाविद्यालय का भवन का कार्य भी मंथर गति से चलने के चलते मात्र दो कमरों में महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा है।
वन वीक सीरिज से करनी पढ़ रही पढ़ाई
भूगोल, राजनीति विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के व्याख्याताओं ने अपने घर के पास रहने के फेर में गत सरकार के समय मंत्री, विधायकों और आला अधिकारियों की डिजायर से डेपुटेशन करवा रखा था। इसके चलते छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रा शिवानी, प्रतिभा, खनक, गुड्डी, मनीषा, सुशीला, प्रीती आदि ने बताया कि व्याख्याताओं के नहीं होने से उन्हें स्वयं के स्तर पर एवं वनवीक सीरिज आदि के आधार पर अध्ययन कर परीक्षा देनी पड़ रही है। जबकि महाविद्यालय में 350 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत है।
यह है डेपुटेशन पर
महाविद्यालय में 250 से अधिक छात्राएं भूगोल विषय की है। ऐसे में यहां कार्यरत भूगोल व्याख्याता डॉ. एस. के. सैनी को 30 अगस्त 2022 से राजकीय महाविद्यालय बस्सी में डेपुटेशन पर लगे हुए है। वहीं राजनीति विज्ञान व्याख्याता डॉ. मंजुलता शर्मा को 7 अक्टूबर 2022 से कार्यव्यवस्थार्थ राजकीय कन्या महाविद्यालय चाकसू में लगी हुई है। जिससे छात्राओं का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। वहीं वरिष्ठ सहायक विजय मीणा 29 दिसंबर 2020 से जामड़ोली महाविद्यालय, निजी सहायक द्वितीय निर्मल ठठेरा आयुक्तालय में डेपुटेशन पर लगे हुए हैं। डेपुटेशन पर होने से वेतन पीपलू महाविद्यालय से ही आहरित कर रहे हैं।