
देवली. कपड़ा व्यापार को जीएसटी कर मुक्त करने की मांग को लेकर कपड़ा व्यापारियों ने बुधवार को एसडीओ रवि वर्मा को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि मौजूदा केन्द्र सरकार ने कपड़ा व्यापार पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया है। जबकि गत 70 वर्षों से कपड़ा व अनाज व्यापार कर मुक्त रहा है। जीएसटी से थोक व खुदरा कपड़ा कारोबार महंगा हो जाएगा।
वहीं आम आदमी के बजट पर भार बढ़कर इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। ज्ञापन में कपड़ा व्यापार को कुटीर उद्योग बताते हुए इसे कर मुक्त करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष ओमप्रकाश मंगल, रुपम जिन्दल, देवप्रकाश, पंकज नथैया, दिलीप अग्रवाल, श्याम सुन्दर, अशोक जैन समेत व्यापारी शामिल थे। इससे पहले जीएसटी के विरोध में दूूसरे दिन भी बाजार स्थित कपड़े की दुकानें बंद रही।
निकाली वाहन रैली
मालपुरा. अखिल भारतीय कपड़ा व्यापारी महासंघ के आह्वान पर जीएसटी के विरोध में बुधवार को दूसरे दिन कपड़ा व्यापार संघ मालपुरा की ओर से कारोबार बंद रखकर वाहन रैली निकाली गई। इसमें व्यापारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए।
कपड़ा व्यापार संघ अध्यक्ष कैलाशचन्द जैन, नेमीचन्द, विमल कुमार, उत्तम जैन, पीन्टू डेठाणी, अनिल जैन, गिरिराज विजय, राहुल सिंघी, कमल जैन, पंकज, निर्मल मेहन्दवास्या, चम्पालाल जैन सहित कई व्यापारियों ने सरकार के विरोध में नारे लगाए। ख्वासजी के कटले से काले झण्डे लेकर वाहन रैली निकाली।
व्यापारियों ने बताया कि कपड़े पर टैक्स लगाने से व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। व्यापारियों ने भाजपा शहर मण्डल अध्यक्ष दिनेश विजय की दुकान के बाहर भी प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने बताया कि गुरुवार को लावा, डिग्गी, पचेवर, लाम्बाहरिसिंह, टोरडी सहित कई स्थानों पर जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।